Breaking News
UKSSSC ने निकाली 398 पदों पर भर्ती, 22 जून से शुरू होंगे आवेदन
UKSSSC ने निकाली 398 पदों पर भर्ती, 22 जून से शुरू होंगे आवेदन
बिजली का खंभा लगाते समय हुआ बड़ा हादसा, करंट लगने से झुलसे पांच मजदूर, एक की मौत
बिजली का खंभा लगाते समय हुआ बड़ा हादसा, करंट लगने से झुलसे पांच मजदूर, एक की मौत
एमडीडीए कार्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन, अधिकारियों-कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर किया प्रतिभाग
एमडीडीए कार्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन, अधिकारियों-कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर किया प्रतिभाग
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के बे्रस्ट कैंसर सर्जन ने महिला को दिया नया जीवन
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के बे्रस्ट कैंसर सर्जन ने महिला को दिया नया जीवन
देहरादून में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज, 19 को मुख्यमंत्री की अगुवाई में होगी ‘रन फॉर योग’
देहरादून में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज, 19 को मुख्यमंत्री की अगुवाई में होगी ‘रन फॉर योग’
मुख्यमंत्री ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय का किया लोकार्पण
चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र
चयनित 45 सहायक सहकारी निरीक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र
लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया धरना प्रदर्शन
लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया धरना प्रदर्शन
गर्मी में राहत या बीमारी का खतरा? फ्रोजन डेजर्ट खाने से पहले जान लें ये बातें
गर्मी में राहत या बीमारी का खतरा? फ्रोजन डेजर्ट खाने से पहले जान लें ये बातें

बच्चों की त्वचा की देखभाल के लिए नहीं करने चाहिए ये उत्पाद इस्तेमाल, होता है नुकसान

बच्चों की त्वचा की देखभाल के लिए नहीं करने चाहिए ये उत्पाद इस्तेमाल, होता है नुकसान

त्वचा की देखभाल करना हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी होता है, ताकि त्वचा हमेशा स्वस्थ बनी रहे।हालांकि, सोशल मीडिया पर त्वचा देखभाल के बढ़ते ट्रेंड के कारण बच्चियां भी ऐसे उत्पाद इस्तेमाल कर रही हैं, जो बड़ों के लिए बनाए जाते हैं।इन उत्पादों के उपयोग से बच्चों की त्वचा खराब होती है और उनकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में बच्चों की देखभाल के लिहाज से अपनी बच्चियों को इन उत्पादों से दूर रखें।

पैराबेन
पैराबेन एक तरह का रासायनिक संरक्षक होता है, जिसे आमतौर क्रीम और मेकअप उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है।यह एक प्रकार का अंत:स्रावी विघ्नकर्ता होता है, जो बच्चियों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से हानि पहुंचा सकता है। अंत:स्रावी विघटनकारी रसायन ऐसे पदार्थ होते हैं, जो थाइरोइड के सामान्य कामकाज में बदलाव पैदा कर सकते हैं।पैराबेन का उपयोग बच्चियों के शरीर में हॉर्मोनल बदलाव का कारण बन सकता है।

रेटिनोइड्स
रेटिनोइड्स में झुर्रियों को दूर करने वाले गुण होते हैं, जो एपिडर्मिस के सुरक्षात्मक कार्य को मजबूत करके कोलेजन उत्पादन को बढ़ाते हैं।ये उत्पाद एंटी-एजिंग के लिए यानि बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इसी कारण ये बच्चियों की जवान त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।इससे उनकी त्वचा लाल पड़ सकती है, छिल सकती है या उनकी त्वचा सूरज की किरणों के प्रति अधिक संवेदनशील बन सकती हैं।

ग्लाइकोलिक एसिड
त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्लाइकोलिक एसिड का उपयोग मुंहासे, हाइपरपिग्मेंटेशन और उम्र बढऩे के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है।इससे मृत त्वचा कोशिकाएं मिट जाती हैं और त्वचा चमकदार बन जाती है। हालांकि, इस उत्पाद को बच्चियों की त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल करना हानिकारक हो सकता है।यह मुलायम त्वचा के लिए कठोर होता है और लालपन, खुजली, त्वचा के छिलने और मुंहासों का कारण बन सकता है।

खुशबु वाले उत्पाद
त्वचा की देखभाल के लिए बनाए गए ज्यादातर उत्पादों में महक या सुगंध को शामिल किया जाता है। बच्चों के उत्पादों में तो ये एक आम बात हो गई है।हालांकि, खुशबु युक्त उत्पाद लगाने से बच्चियों की त्वचा को हानि हो सकती है। इनके उपयोग से बच्चियों को त्वचा की एलर्जी हो सकती हैं और उन्हें खुजली व असुविधा का अनुभव हो सकता है।आप त्वचा को चमकदार बनाने के लिए मधुमोम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सल्फेट्स
सल्फेट्स त्वचा को साफ करने वाले गुणों से लैस होते हैं, जिस कारण इन्हें क्लींजर में इस्तेमाल किया जाता है। इन रसायनों को बच्चियों की त्वचा देखभाल दिनचर्या का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।सल्फेट्स ऐसे उत्पाद होते हैं, जो त्वचा के प्राकृतिक तेलों को सोख लेते हैं। साथ ही इनके इस्तेमाल से बच्चियों की त्वचा अधिक रूखी बन जाती है और मुंहासों का खतरा बढ़ जाता है।जानिए त्वचा की देखभाल में कैसे मदद करती है मलाई और एलोवेरा जेल।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top