Breaking News
मुख्यमंत्री ने भारी वर्षा को देखते हुए दिए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने भारी वर्षा को देखते हुए दिए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
देहरादून-मसूरी के नियोजित विकास पर बड़ा फैसला, एमडीडीए ने 25 प्रस्ताव किए स्वीकृत
देहरादून-मसूरी के नियोजित विकास पर बड़ा फैसला, एमडीडीए ने 25 प्रस्ताव किए स्वीकृत
एसएसपी श्वेता चौबे ने थाना छाम का किया आकस्मिक निरीक्षण, महिला सुरक्षा और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण पर दिया जोर
एसएसपी श्वेता चौबे ने थाना छाम का किया आकस्मिक निरीक्षण, महिला सुरक्षा और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण पर दिया जोर
बुजुर्ग-दिव्यांगों के घर जाएंगे बीएलओ, करेंगे नोटिसों का निस्तारण- सीईओ
बुजुर्ग-दिव्यांगों के घर जाएंगे बीएलओ, करेंगे नोटिसों का निस्तारण- सीईओ
डॉ. पंकज गर्ग एसोसिएशन ऑफ ब्रेस्ट सर्जन्स ऑफ इंडिया के निदेशक (शिक्षा), उत्तर क्षेत्र निर्वाचित
डॉ. पंकज गर्ग एसोसिएशन ऑफ ब्रेस्ट सर्जन्स ऑफ इंडिया के निदेशक (शिक्षा), उत्तर क्षेत्र निर्वाचित
सहकारिता में हरियाणा व उत्तराखंड मिलकर करेंगे कामः डाॅ. धन सिंह रावत
सहकारिता में हरियाणा व उत्तराखंड मिलकर करेंगे कामः डाॅ. धन सिंह रावत
जनसुनवाई में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सुनीं लोगों की समस्याएं, युवा किसान की सफलता को बताया प्रेरणादायक
जनसुनवाई में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सुनीं लोगों की समस्याएं, युवा किसान की सफलता को बताया प्रेरणादायक
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लिया राजनैतिक दलों से SIR पर फीडबैक
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लिया राजनैतिक दलों से SIR पर फीडबैक
सुरक्षा, सेवा और समर्पण का संगम—SDRF ने शंकराचार्य चौक पर लगाया निःशुल्क चिकित्सा शिविर
सुरक्षा, सेवा और समर्पण का संगम—SDRF ने शंकराचार्य चौक पर लगाया निःशुल्क चिकित्सा शिविर

यूसीसी के प्रावधानों को दी गई चुनौती, केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी

यूसीसी के प्रावधानों को दी गई चुनौती, केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी

नैनीताल हाई कोर्ट ने छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने का दिया आदेश 

देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रावधान लागू होने के साथ जगह-जगह किए जा रहे विरोध के बीच प्रकरण नैनीताल हाई कोर्ट में पहुंच गया।  नैनीताल हाई कोर्ट ने उत्तराखंड में प्रभावी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रविधानों की चुनौती देती जनहित याचिकाओं पर केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया हैं। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वर्चुअली पेश भारत सरकार के सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इन याचिकाओं को निर्रथक बताते हुए तर्क दिया कि सरकार ने नैतिक आधार पर यह कानून बनाया है। विधायिका को कानून बनाने का अधिकार है। लिव इन रिलेशनशिप में पंजीकरण से महिलाओं पर अत्याचार में कमी आएगी। मामले में अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद नियत की गई है।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ में देहरादून निवासी अल्मशुद्दीन सिद्दीकी, हरिद्वार निवासी इकरा तथा भीमताल नैनीताल निवासी सुरेश सिंह नेगी की अलग अलग जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। जिसमें मुस्लिम समुदाय से संबंधित विवाह, तलाक, इद्दत और विरासत के संबंध में समान नागरिक संहिता 2024 के प्रविधानों को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता ने खंडपीठ के समक्ष दलील दी कि कुरान और उसकी आयतों में निर्धारित नियम हर मुसलमान के लिए एक आवश्यक धार्मिक प्रथा हैं।

समान नागरिक संहिता धार्मिक मामलों के लिए प्रक्रिया निर्धारित करता है, जो कुरान की आयतों के विपरीत है। समान नागरिक संहिता भारत के संविधान के अनुच्छेद-25 का उल्लंघन करती है। जिसमें धर्म के पालन और मानने की स्वतंत्रता की गारंटी मिली है। समान नागरिक सहिंता की धारा-390 मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के विवाह, तलाक, विरासत के संबंध में रीति-रिवाजों और प्रथाओं को निरस्त करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top