Breaking News
प्रेमनगर पुलिस ने जानलेवा हमले के आरोपी को किया गिरफ्तार, ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई
प्रेमनगर पुलिस ने जानलेवा हमले के आरोपी को किया गिरफ्तार, ऑपरेशन प्रहार के तहत कार्रवाई
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को दी ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस‘ की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को दी ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस‘ की शुभकामनाएं
कानों में सीटी या भनभनाहट को न करें नजरअंदाज, टिनिटस का हो सकता है संकेत
कानों में सीटी या भनभनाहट को न करें नजरअंदाज, टिनिटस का हो सकता है संकेत
पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान
पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान
मुख्यमंत्री ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान
पीआईबी देहरादून द्वारा पिथौरागढ़ में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला “वार्तालाप” का आयोजन
पीआईबी देहरादून द्वारा पिथौरागढ़ में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला “वार्तालाप” का आयोजन
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संस्कृत विद्यालय ओड़लीनांदा में नव निर्मित भवन का किया लोकार्पण
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संस्कृत विद्यालय ओड़लीनांदा में नव निर्मित भवन का किया लोकार्पण
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने न्यू कैंट रोड के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने न्यू कैंट रोड के निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पाबौ में प्रस्तावित मोटर मार्ग के निर्माण कार्य का किया शिलान्यास
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पाबौ में प्रस्तावित मोटर मार्ग के निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

सेल्‍फी के लिए आए दिन युवाओं की जा रही जान

सेल्‍फी के लिए आए दिन युवाओं की जा रही जान

अमन भारत
वीडियो बनाने के दौरान ऐसा लगता है कि विवेक का उपयोग करने के बजाय इस तरह की भेड़चाल में शामिल हो गए लोगों के पास सही वक्त पर फैसला लेने की क्षमता भी नहीं बचती और इसी क्रम में वे किसी जानलेवा हादसे का शिकार हो जाते हैं। अपनी दिलचस्पी या फिर खुशी के लिए कुछ अलग करने का शौक सामान्य तौर पर सकारात्मक माना जाता है। मगर इस तरह के शौक में कोई अपना विवेक या सूझ-बूझ की क्षमता ही खो दे, तो यह न सिर्फ एक बेमानी चलन की भेड़चाल में शामिल होना है, बल्कि जानलेवा जोखिम को न्योता देना भी है।

जब से स्मार्टफोन के साथ हर हाथ में कैमरा पहुंचा है, तब से काफी लोगों के भीतर एक विचित्र-सी मनोदशा का विकास होता देखा जा सकता है, जिसमें वे मौके-बेमौके बिना किसी मायने के अपनी तस्वीरें उतारते रहते हैं। इसका विस्तार सोशल मीडिया पर खुद को अभिव्यक्त करने के रूप में हुआ और हर वक्त अपनी तस्वीर या फिर वीडियो बना कर प्रसारित कर देना मानो किसी जरूरी काम की तरह देखा जाने लगा। विडंबना यह है कि इस शौक ने विवेक को जिस बुरी तरह प्रभावित किया, उसका खमियाजा केवल आपसी व्यवहारों के स्तर पर नहीं उठाना पड़ा, बल्कि इस वजह से मौत की घटनाएं भी बढ़ती गई हैं। आए दिन ऐसी खबरें आती हैं कि सोशल मीडिया पर रील के आकर्षण में वीडियो बनाने की कोशिश में हादसे का शिकार होकर किसी युवा की जान चली गई।

ये नाहक और बिना किसी कारण के होने वाली मौतें हैं, जिनके पीछे महज विवेकशून्य होकर अपने किसी शौक को पूरा करने की भूख मुख्य वजह है। हरिद्वार में बुधवार को बीस वर्ष की एक छात्रा ने रेल की पटरी पर रील बनाने की कोशिश की और उसी समय आई ट्रेन की चपेट में आ गई। उसकी जान चली गई। जिस बच्ची को अभी पढ़ाई-लिखाई करनी थी, खेलना-कूदना था और भविष्य बेहतर बनाने के सपने देखने थे, वह सिर्फ रील बनाने के शौक में मारी गई। इस तरह की घटनाओं का एक सिलसिला-सा चल पड़ा है। ऐसा लगता है कि विवेक का उपयोग करने के बजाय इस तरह की भेड़चाल में शामिल हो गए लोगों के पास सही वक्त पर फैसला लेने की क्षमता भी नहीं बचती और इसी क्रम में वे किसी जानलेवा हादसे का शिकार हो जाते हैं। आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता हमारी जीवन-स्थितियों में गुणात्मक सुधार लाती है, लेकिन बेलगाम और गैरजरूरी तरीके से इसके इस्तेमाल में डूब जाना वक्त बर्बाद करने का जरिया बनने से लेकर जानलेवा तक साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top