Breaking News
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
जनता के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएगी कांग्रेस: डॉ. हरक सिंह रावत
जनता के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएगी कांग्रेस: डॉ. हरक सिंह रावत
एसपी ऋषिकेश ने किया रायवाला कोतवाली का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण
एसपी ऋषिकेश ने किया रायवाला कोतवाली का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण
मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित
मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित
17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”
17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”
धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी
धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी
उत्तराखंड के मीडिया दल ने एनटीपीसी भ्रमण में देखी राष्ट्र के विकास की तस्वीर, कोयले से बिजली और राख से हरियाली
उत्तराखंड के मीडिया दल ने एनटीपीसी भ्रमण में देखी राष्ट्र के विकास की तस्वीर, कोयले से बिजली और राख से हरियाली
केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा राजभाषा हिंदी कार्यशाला आयोजित
केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा राजभाषा हिंदी कार्यशाला आयोजित
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

अंबानी-अडानी, खरबपतियों का चंदा कहां?

अंबानी-अडानी, खरबपतियों का चंदा कहां?

हरिशंकर व्यास
कैसी हैरानी की बात है कि मोदी राज में सबसे ज्यादा धंधा खरबपतियों का बढ़ा। अडानी जगत सेठ हुआ। अंबानी कुबेरपति हुआ। पैसे से भारत की संस्कृति का ढिंढोरा करता है। इनके साथ टाटा, बिड़ला सहित टॉप के बीस खरबपति दिन-दुनी, रात-चौगुनी की रफ्तार से भारत के लोगों से पैसा कमाते हुए हैं लेकिन वे इलेक्टोरल बॉन्ड्स खरीददारों की लिस्ट से लगभग गायब। यों कुछ जानकार शेल याकि खोखा कंपनियों से बॉन्डस लेन-देन की बारीकी तलाश रहे हैं। लेकिन मोटा मोटी मोदी सरकार की इलेक्टोरल बॉन्ड योजना में जुआरियों, सटोरियों, काला बाजारियों और ठेकेदारों से ही चुनाव और राजनीति के नाम पर वसूली हुई दिखती है। और यह हैरानी की बात है।

तभी अपना सवाल है कि सरकारी प्रोजेक्टों और मुंबई, दिल्ली आदि महानगरों के ठेकेदारों, बिल्डरों की इलेक्टोरल बॉन्ड्स खरीदने-देने के साथ सौदेबाजी का यदि सीक्वेंस है तो भला विनिवेश, खान आवंटन से लेकर अंतरराष्ट्रीय सौदों, खरीद-फरोख्त के खरबपतियों के कारोबार की वसूली का क्या रूप है? जब चिंदीमार, खोखा कंपनियों को ईडी, सीबीआई, आईटी से लाइन हाजिर करा वसूली हुई है तो खरबपतियों के लेवल का चंदा कहां गया? क्या इस रीति-नीति पर चला गया कि छोटे कारोबारी भाजपा पार्टी के लिए और वैश्विक खरबपति किसी और काम के लिए?

भला और क्या काम हो सकता है? आप ही अनुमान लगाएं। लुटियन दिल्ली में जितने मुंह उतनी बात है। मगर इतना तय है कि भारत के टॉप सौ अरबपतियों की कंपनियों में बिना इलेक्टोरल बॉन्ड्स के कई नाम निकल आएंगे। और फिर यदि इनकों नौ वर्षों में मिली सरकारी कंपनियों, विनिवेश, लाइसेंसों की पूरी सूची के साथ तुलना करें तो वह क्या आंख खोल देने वाली नहीं होगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top