एसईजेड से निर्यात में बनी देश की दूसरी बड़ी कंपनी
नई दिल्ली। वेदांता एल्युमिनियम ने वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हुए निर्यात के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) से माल निर्यात करने वाली देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। कंपनी के अनुसार, इस अवधि में करीब 3.5 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया गया।
60 से ज्यादा देशों तक पहुंचा कारोबार
वेदांता एल्युमिनियम के मुताबिक, मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित उसकी एसईजेड इकाई ने भारत के कुल एसईजेड माल निर्यात में करीब 6 प्रतिशत का योगदान दिया। कंपनी के उत्पाद दुनिया के 60 से अधिक देशों में पहुंच रहे हैं। यूरोप, अमेरिका, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया उसके प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल हैं।
कई तरह के एल्युमिनियम उत्पादों की मांग
कंपनी के निर्यात पोर्टफोलियो में प्राथमिक एल्युमिनियम के साथ-साथ कई वैल्यू-एडेड उत्पाद भी शामिल हैं। इनमें बिलेट्स, वायर रॉड्स, रोल्ड उत्पाद, प्राइमरी फाउंड्री अलॉय और इंगॉट्स प्रमुख हैं। इसके अलावा कंपनी की कम-कार्बन ‘रेस्टोरा’ एल्युमिनियम रेंज भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजी जाती है।
इन उत्पादों का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिकल, निर्माण और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। वहीं, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एल्युमिनियम आधारित बुनियादी ढांचे और डेटा सेंटर जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में भी एल्युमिनियम की मांग बढ़ रही है।
एसईजेड से 134.4 अरब डॉलर का निर्यात
कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच भारत के एसईजेड से कुल करीब 134.4 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात हुआ। इसमें लगभग 84.5 अरब डॉलर यानी 63 प्रतिशत हिस्सा सेवाओं का रहा, जबकि करीब 49.9 अरब डॉलर यानी 37 प्रतिशत हिस्सा वस्तुओं के निर्यात का था।
वेदांता एल्युमिनियम का कहना है कि एसईजेड देश में विनिर्माण के साथ-साथ सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम कर रहे हैं। कंपनी के निर्यात प्रदर्शन को भी इसी व्यापक एसईजेड व्यवस्था और वैश्विक बाजारों में एल्युमिनियम उत्पादों की मांग से जोड़कर देखा जा रहा है।

