Breaking News
धामी कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर
धामी कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर
नालापानी खलंगा वन क्षेत्र में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, पुलिस को सौंपा ज्ञापन
नालापानी खलंगा वन क्षेत्र में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, पुलिस को सौंपा ज्ञापन
लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल
लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का सख्त अभियान जारी, सेक्टरवार टीमें सक्रिय, ध्वस्तीकरण व सीलिंग की लगातार कार्रवाई
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का सख्त अभियान जारी, सेक्टरवार टीमें सक्रिय, ध्वस्तीकरण व सीलिंग की लगातार कार्रवाई
जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: नियम तोड़ने पर 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त
जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: नियम तोड़ने पर 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का सख्त एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का सख्त एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी
सिक्किम के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से जीता पूरे देश का दिल- पीएम मोदी
सिक्किम के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से जीता पूरे देश का दिल- पीएम मोदी

आपदा से उबर नहीं पाया पर्यटन कारोबार, होटल खाली पड़े

आपदा से उबर नहीं पाया पर्यटन कारोबार, होटल खाली पड़े

देहरादून: आपदा के एक सप्ताह बाद भी जिले का पर्यटन कारोबार पटरी पर नहीं लौट सका है। मसूरी, सहस्रधारा, ऋषिकेश और चकराता जैसे प्रमुख स्थलों पर होटलों की ऑक्यूपेंसी 10% से कम हो गई है। नदियों के किनारे बने होटल, कैफे और दुकानें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।

व्यवसायियों ने भारी डिस्काउंट देकर बुकिंग बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन पर्यटक अभी यहां आने से कतरा रहे हैं। मसूरी और देहरादून के होटलों में 50-60% तक छूट दी जा रही है, वहीं ऋषिकेश में कमरे 500-1000 रुपये तक मिल रहे हैं। बावजूद इसके कारोबारियों को स्टाफ की तनख्वाह और बिजली बिल चुकाना भी मुश्किल हो रहा है।

बारिश और भूस्खलन से पर्यटन स्थलों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। सहस्रधारा, गुच्चुपानी और मसूरी रोड किनारे की दुकानें बह गईं। छोटे कारोबारियों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top