Breaking News
8 से 16 अगस्त तक जनपद नैनीताल में “विशेष स्वच्छता अभियान”
8 से 16 अगस्त तक जनपद नैनीताल में “विशेष स्वच्छता अभियान”
क्या वजन घटाने के लिए रोटी छोड़ना जरूरी है? आइये जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
क्या वजन घटाने के लिए रोटी छोड़ना जरूरी है? आइये जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
8 से 16 अगस्त तक जनपद नैनीताल में “विशेष स्वच्छता अभियान”
भू-कानून उल्लंघन पर 250 वर्ग मीटर भूमि राज्य सरकार में निहित
राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी नेताओं का संसद परिसर में प्रदर्शन, सरकार पर बोला हमला
राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी नेताओं का संसद परिसर में प्रदर्शन, सरकार पर बोला हमला
कॉमनवेल्थ 2026 के विजेताओं का सम्मान, खिलाड़ियों को खेल अकादमी खोलने की सलाह
कॉमनवेल्थ 2026 के विजेताओं का सम्मान, खिलाड़ियों को खेल अकादमी खोलने की सलाह
सलमान खान की दमदार एंट्री के साथ आया ‘बिग बॉस 20’ का टीजर, फैंस में बढ़ा उत्साह
सलमान खान की दमदार एंट्री के साथ आया ‘बिग बॉस 20’ का टीजर, फैंस में बढ़ा उत्साह
कांवड़ यात्रा केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा और जनजागरण का भी महापर्व है- विजया रहाटकर
कांवड़ यात्रा केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा और जनजागरण का भी महापर्व है- विजया रहाटकर
सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी जरूरी, सभी विभाग करें समन्वित प्रयास- डीएम
सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी जरूरी, सभी विभाग करें समन्वित प्रयास- डीएम
मुख्यमंत्री धामी ने एमडीडीए की 17.80 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास
मुख्यमंत्री धामी ने एमडीडीए की 17.80 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

बीएड की डिग्री का सत्यापन किए बिना तीन लोगों को मिली नौकरी, अब पांच वर्ष जेल की सजा 

बीएड की डिग्री का सत्यापन किए बिना तीन लोगों को मिली नौकरी, अब पांच वर्ष जेल की सजा 

10-10 हजार रुपये जुर्माने की भी मिली सजा

देहरादून। बीएड की फर्जी डिग्री से शिक्षक की नौकरी प्राप्त करने वाले तीन लोगों को अदालत ने पांच-पांच वर्ष की जेल और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। तीनों को पुलिस अभिरक्षा में पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है। अदालत ने शिक्षा सचिव और गृह सचिव, उत्तराखंड सरकार को भी आदेश की प्रति भेजी है।

अदालत का कहना है कि तत्कालीन विभागीय अधिकारियों ने बीएड की डिग्री का सत्यापन किए बिना दोषियों को नौकरी दी है। वर्ष 2005 से 2009 के बीच चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त कर महेंद्र सिंह, मोहन लाल और जगदीश लाल को अलग-अलग वर्षों में शिक्षा विभाग में प्राथमिक सहायक शिक्षक की नौकरी मिली। शिक्षा विभाग ने एसआईटी से जांच कराई, जिसमें उक्त तीन शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top