Breaking News
मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश
किसान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक हैं- मुख्यमंत्री
किसान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक हैं- मुख्यमंत्री
कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा के जयकारों से गूंजा धाम
कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा के जयकारों से गूंजा धाम
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री धामी
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री धामी
गढ़ी कैंट स्थित गुचुपानी में पर्यटकों का लगा जमावड़ा, ठंडे पानी से मिटा रहे थकान
खेत में पानी चलाने को लेकर खूनी विवाद, एक की मौत; दून पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
खेत में पानी चलाने को लेकर खूनी विवाद, एक की मौत; दून पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
उत्तराखंड लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया तेज, खोजबीन समिति का हुआ गठन
उत्तराखंड लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया तेज, खोजबीन समिति का हुआ गठन
उत्तराखंड में लागू हुआ देवभूमि परिवार कानून, अब हर परिवार की बनेगी यूनिक आईडी
उत्तराखंड में लागू हुआ देवभूमि परिवार कानून, अब हर परिवार की बनेगी यूनिक आईडी
मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

आज बंद होंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

आज बंद होंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

दस क्विंटल फूलों से सजाया गया बद्रीनाथ धाम

चमोली। बद्रीनाथ धाम के कपाट आज यानि मंगलवार दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से एक दिन पहले सोमवार को पंच पूजाओं की श्रृंखला के अंतर्गत माता लक्ष्मी मंदिर में विशेष अनुष्ठानों के साथ कढ़ाई भोग अर्पित किया गया। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी अमरनाथ नंबूदरी ने पारंपरिक रीति के अनुसार माता लक्ष्मी को शीतकालीन अवधि में बदरीनाथ गर्भगृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया।

धाम में बीते एक सप्ताह से पंच पूजाओं का क्रम जारी था, जिसमें गणेश मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के कपाट बंद होने के साथ ही वेद ऋचाओं का वाचन भी विराम में चला गया। सोमवार को आयोजित विशेष पूजा में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।

मंगलवार को कपाट बंद होने के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को करीब दस क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कपाट बंद होने के समय धाम में पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं के मौजूद रहने की उम्मीद है।

कपाट बंद होने के बाद परंपरा के अनुसार माता लक्ष्मी, आगामी छह माह तक गर्भगृह में विराजमान रहेंगी, जबकि मुख्य मंदिर क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां शीतकालीन स्थल पर स्थानांतरित हो जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top