Breaking News
अब मोबाइल पर मिलेगा त्वरित आपदा अलर्ट, स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम पूरे देश में लागू
अब मोबाइल पर मिलेगा त्वरित आपदा अलर्ट, स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम पूरे देश में लागू
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम
उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम
एक साल बाद बदली धराली की तस्वीर, आपदा के मलबे से निकलकर फिर खड़ी हुई जिंदगी
एक साल बाद बदली धराली की तस्वीर, आपदा के मलबे से निकलकर फिर खड़ी हुई जिंदगी
एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ
सूबे में खुलेगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं- डाॅ. धन सिंह रावत
सूबे में खुलेगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं- डाॅ. धन सिंह रावत
मतदाताओं के दस्तावेजों का हो तय समय पर सत्यापन- सीईओ
मतदाताओं के दस्तावेजों का हो तय समय पर सत्यापन- सीईओ
ग्राम खैनूरी की क्षतिग्रस्त सड़क का मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान
ग्राम खैनूरी की क्षतिग्रस्त सड़क का मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान

एसजीआरआरयू में छात्रों ने हर्बल रंग बनाकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

एसजीआरआरयू में छात्रों ने हर्बल रंग बनाकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

गृह विज्ञान विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला में छात्रों ने सीखा ऑर्गेनिक और हर्बल रंग बनाना

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस के गृह विज्ञान विभाग द्वारा दो दिवसीय ऑर्गेनिक और हर्बल रंग बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला मैं छात्रों का निर्देशन विभाग अध्यक्ष गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ लता सती ने किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में पहले दिन छात्रों को हर्बल रंगों के महत्व और उनके बनाने की विधि विस्तार से बताई गई।

उन्होंने कहा कि छात्रों ने चुकंदर, हल्दी, पालक, गैंदा और गुलाब का प्रयोग कर विभिन्न प्रकार के रंगों को बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अवसर पर स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की डीन प्रोफेसर डॉ प्रीति तिवारी ने कहा कि गृह विज्ञान विभाग की यह पहल पर्यावरण को बचाने की दिशा में भी अग्रिम प्रयास है उन्होंने कहा की रासायनिक रंगों के स्थान पर अगर ऑर्गेनिक रंगों का प्रयोग किया जाए तो उससे त्वचा को होने वाले संक्रमण और शरीर पर होने वाले विपरीत प्रभाव से बचा जा सकता है।

साथ ही उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्कूल आफ ह्यूमैनिटीज समय-समय पर अपने बच्चों के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित करेगा जिससे वह पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर सके।

इस अवसर पर विभाग़ाध्यक्ष डॉ लता सती, डॉ मोनिका शर्मा, नेहा गुप्ता और स्निग्धा भट्ट के साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top