Breaking News
अग्निवीर भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए कैंप आयोजित
अग्निवीर भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए कैंप आयोजित
छह माह के लिए खुले सिद्धपीठ लाटू देवता के द्वार, परंपराओं के साथ हुआ आयोजन
छह माह के लिए खुले सिद्धपीठ लाटू देवता के द्वार, परंपराओं के साथ हुआ आयोजन
सीएम धामी ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का किया अभिषेक
सीएम धामी ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का किया अभिषेक
बुजुर्ग समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर-सीएम धामी
बुजुर्ग समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर-सीएम धामी
ऋषिकेश में एमडीडीए का सख्त एक्शन, अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान
ऋषिकेश में एमडीडीए का सख्त एक्शन, अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान
धामी कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर
धामी कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर
नालापानी खलंगा वन क्षेत्र में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, पुलिस को सौंपा ज्ञापन
नालापानी खलंगा वन क्षेत्र में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, पुलिस को सौंपा ज्ञापन
लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल
लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का सख्त अभियान जारी, सेक्टरवार टीमें सक्रिय, ध्वस्तीकरण व सीलिंग की लगातार कार्रवाई
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का सख्त अभियान जारी, सेक्टरवार टीमें सक्रिय, ध्वस्तीकरण व सीलिंग की लगातार कार्रवाई

पंजाब में तबाही मचाती बाढ़, 1500 गांव प्रभावित – अमृतसर के सीमांत गांवों में बर्बादी का मंजर

पंजाब में तबाही मचाती बाढ़, 1500 गांव प्रभावित – अमृतसर के सीमांत गांवों में बर्बादी का मंजर

अमृतसर: पंजाब इस समय इतिहास की सबसे भीषण बाढ़ त्रासदी का सामना कर रहा है। अमृतसर जिले के सीमांत गांव दंगई सहित अजनाला क्षेत्र के 45 से अधिक गांवों में चार फीट तक पानी भरा हुआ है। गांव की गलियों से लेकर घरों तक हर तरफ पानी फैला है। सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, कई मकान जर्जर होकर मलबे में तब्दील हो गए हैं और ग्रामीण राहत टेंटों में रहने को मजबूर हैं।

गांव दंगई के निवासी दिलबाग सिंह, हरजोत सिंह, सुखदेव सिंह और सुखजीत ने बताया कि उनकी पूरी फसल डूब चुकी है। कारोबार भी चौपट हो गया है। पशुओं में बीमारियां फैल रही हैं और अस्थायी झोपड़े बारिश की मार नहीं सह पा रहे। गांव वालों का कहना है कि चोरी की घटनाओं के डर से वे दिन-रात बेचैनी में हैं।

पूरे पंजाब में तबाही

आपदा की इस घड़ी में अब तक 46 लोगों की जान जा चुकी है। 1.74 लाख हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। सभी 23 जिलों के लगभग 1500 गांव और करीब 3.87 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और लाखों पशुधन बह चुके हैं।

नदियों का उफान और डैमों का दबाव

रावी, व्यास और सतलुज जैसी नदियों के उफान ने पंजाब में कहर बरपाया है। सामान्य से अधिक बारिश के चलते भाखड़ा, रणजीत सागर, शाहपुरकंडी और पौंग डैम के गेट कई बार खोलने पड़े। इसका सीधा असर पंजाब के निचले इलाकों पर पड़ा। नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटबंध कमजोर होकर टूट रहे हैं और पानी गांवों में घुस रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल 30 अगस्त तक ही 14.11 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो चुका था, जबकि 1988 में आई भीषण बाढ़ के दौरान यह स्तर 11.20 लाख क्यूसेक था।

राहत कार्यों में जुटा प्रशासन

अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, पठानकोट, गुरदासपुर, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का और होशियारपुर जैसे जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। डीसी साक्षी साहनी के नेतृत्व में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। प्रभावितों तक दवाइयां, राशन, टेंट और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि मदद अभी भी पर्याप्त नहीं है और पानी घटने के बाद गांवों से मलबा हटाने में महीनों लगेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top