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विद्यासागर नौटियाल की स्मृति में हुआ सम्मान समारोह

विद्यासागर नौटियाल की स्मृति में हुआ सम्मान समारोह

सेव हिमालय मूवमेंट ट्रस्ट की ओर से पत्रकार व राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी को मिला “विद्यासागर सम्मान 2025”

देहरादून। सेव हिमालय मूवमेंट ट्रस्ट के तत्वावधान में प्रख्यात कथाकार और आंदोलनकारी विद्यासागर नौटियाल की स्मृति में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पत्रकार एवं राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी को विद्यासागर सम्मान 2025 से नवाजा गया।

मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण ने नौटियाल को “संध्या बंधनीय आदरणीय व्यक्तित्व” बताते हुए कहा कि वे हमेशा अंतिम व्यक्ति की आवाज रहे हैं और आज भी उनकी प्रासंगिकता उतनी ही है। उन्होंने कहा कि विद्यासागर धारा पर जीव–निर्जीव को साक्षात देखने वाले व्यक्तित्व थे, जिनकी विरासत भविष्य की दिशा तय करती रहेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने की। उन्होंने कहा कि नौटियाल ने अपने साहित्य में जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों पर कलम चलाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आवाज बुलंद की। वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा ने नौटियाल को अंधविश्वास और कुप्रथाओं के विरोध की प्रतीक आवाज बताया।

सम्मानित हुए पत्रकार व राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि सभी संघर्षरत साथियों का है। उन्होंने विद्यासागर की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और राज्य आंदोलन की आकांक्षाओं को पूरा करने पर बल दिया।

कार्यक्रम में दीपिका घिल्डियाल, पीसी तिवारी, अनिल स्वामी, जयदीप सकलानी, चारु तिवारी, सतीश धौलाखंडी, त्रिलोचन भट्ट सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे और गीतों व तंज के जरिये वर्तमान व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए।

मंच पर उपस्थित रहे – पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, लक्ष्मी नौटियाल, कवि बल्ली सिंह चीमा।
सम्मानित व्यक्तित्व – पत्रकार व आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी।
विशेष उपस्थितियाँ – समीर रतूड़ी, अंतरिक्ष, अरविंद दरमोड़ा, राकेश बिजलवान, गणेश काला, पूनम कैंतुरा, विनोद जुगरान, रविन्द्र जुगरान, उमा भट्ट, अरुण शर्मा सहित अनेक गणमान्य।

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