Breaking News
खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में दिलाएगी नई पहचान : रेखा आर्या
खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में दिलाएगी नई पहचान : रेखा आर्या
रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ की धूम, एडवांस बुकिंग में दुनियाभर से 40 करोड़ रुपये के पार पहुंची कमाई
रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ की धूम, एडवांस बुकिंग में दुनियाभर से 40 करोड़ रुपये के पार पहुंची कमाई
सामान्य ब्लड टेस्ट रिपोर्ट को न समझें पूरी सेहत की गारंटी, कई गंभीर बीमारियां रह सकती हैं छिपी
सामान्य ब्लड टेस्ट रिपोर्ट को न समझें पूरी सेहत की गारंटी, कई गंभीर बीमारियां रह सकती हैं छिपी
एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: धौरण रोड और सहस्त्रधारा रोड पर अवैध निर्माण सील
एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: धौरण रोड और सहस्त्रधारा रोड पर अवैध निर्माण सील
चुंगी बड़ेथी में अनियंत्रित होकर पलटा ट्रक, केबिन में फंसे चालक को SDRF ने रेस्क्यू कर बचाया
चुंगी बड़ेथी में अनियंत्रित होकर पलटा ट्रक, केबिन में फंसे चालक को SDRF ने रेस्क्यू कर बचाया
एसजीआरआर खेलोत्सव-2026 में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट  का दबदबा क्रिकेट और बास्केटबॉल में जीते खिताब
एसजीआरआर खेलोत्सव-2026 में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट का दबदबा क्रिकेट और बास्केटबॉल में जीते खिताब
श्रीनगर में मुख्यमंत्री के स्वागत को सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात
श्रीनगर में मुख्यमंत्री के स्वागत को सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण
यूक्रेन को मिलेंगी 500 पैट्रियट मिसाइलें, जेलेंस्की ने अमेरिका से की जल्द आपूर्ति की मांग
यूक्रेन को मिलेंगी 500 पैट्रियट मिसाइलें, जेलेंस्की ने अमेरिका से की जल्द आपूर्ति की मांग

भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए उत्तराखंड के चार जिलों में लगेगा अर्ली वार्निंग सिस्टम

भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए उत्तराखंड के चार जिलों में लगेगा अर्ली वार्निंग सिस्टम

जीएसआई ने शुरू किया परीक्षण, समय रहते मिलेगी चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड में भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) जल्द ही चार जिलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में इस सिस्टम का परीक्षण चल रहा है और सफलता मिलने के बाद इसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में स्थापित किया जाएगा। इससे समय रहते चेतावनी जारी की जा सकेगी और जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

जीएसआई देहरादून के निदेशक रवि नेगी ने बताया कि यह तकनीक भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगी। वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि अर्ली वार्निंग सिस्टम से न केवल पूर्वानुमान और सुरक्षा उपाय मजबूत होंगे, बल्कि स्थानीय लोगों को भी समय रहते सतर्क किया जा सकेगा।

सचिव सुमन ने भूस्खलन आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर आयोजित कार्यशाला में कहा कि शोध संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों को सरल भाषा में साझा किया जाना चाहिए ताकि विभाग आम जनता को जागरूक कर सके। उन्होंने जोर दिया कि पूर्वानुमान जारी करने के बाद इतना समय जरूर मिलना चाहिए कि लोग सुरक्षा के कदम उठा सकें।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि राज्य में अधिकांश भूस्खलन बारिश के दौरान होते हैं और चमोली जिला सबसे अधिक प्रभावित है। आईआईआरएस के वैज्ञानिक डॉ. सोवन लाल ने कहा कि उपग्रह और ड्रोन तकनीक से संवेदनशील इलाकों की निगरानी और अध्ययन किया जा सकता है।

जीएसआई उप महानिदेशक संजीव कुमार और डॉ. हरीश बहुगुणा ने बताया कि रियल-टाइम डेटा मिलने पर अर्ली वार्निंग सिस्टम के नतीजे और बेहतर होते हैं। साथ ही, राज्य में कितने ऑल वेदर स्टेशन की जरूरत है, इस पर भी चर्चा की गई।

कार्यशाला में जीएसआई और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच एक एमओयू भी साइन हुआ, जिससे शोध और सूचनाओं का आदान-प्रदान और अधिक सहज हो सकेगा। इस अवसर पर वाडिया संस्थान, सीबीआरआई सहित 28 संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top