Breaking News
पिंडर घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में डीएम अपूर्वा पाण्डे का स्थलीय निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
पिंडर घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में डीएम अपूर्वा पाण्डे का स्थलीय निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन
मियांवाला स्थित जौहड़ की भूमि का 8.63 करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण, पुराने जलस्रोत को मिला नया जीवन
चमोली में पीआईबी का ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला कार्यक्रम आयोजित
चमोली में पीआईबी का ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला कार्यक्रम आयोजित
गौहरी माफी में सौंग नदी का बढ़ता कटाव बना चुनौती, स्थायी समाधान पर जोर
गौहरी माफी में सौंग नदी का बढ़ता कटाव बना चुनौती, स्थायी समाधान पर जोर
लोनिवि मंत्री महाराज ने परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में रखे कई सुझाव
लोनिवि मंत्री महाराज ने परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में रखे कई सुझाव
कुंभ मेला-2027 की सुरक्षा होगी हाईटेक, AI और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन
कुंभ मेला-2027 की सुरक्षा होगी हाईटेक, AI और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन
डीडीआरसी केंद्र का सचिव समाज कल्याण ने किया निरीक्षण, दिव्यांगजनों को समयबद्ध सेवाएं देने के निर्देश
डीडीआरसी केंद्र का सचिव समाज कल्याण ने किया निरीक्षण, दिव्यांगजनों को समयबद्ध सेवाएं देने के निर्देश
जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण
जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण
देहरादून में भागवत कथा के दौरान चेन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, चार गिरफ्तार
देहरादून में भागवत कथा के दौरान चेन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, चार गिरफ्तार

मलिन बस्तियों के पुनर्वास को लेकर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

मलिन बस्तियों के पुनर्वास को लेकर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर की मलिन बस्तियों, विशेषकर बिंदाल और रिस्पना नदी किनारे बसी बस्तियों के पुनर्वास और विस्थापन को लेकर गहन चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने नगर निगम और एमडीडीए को प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2016 से पहले और बाद बसी बस्तियों की पहचान कर 5 दिन के भीतर अद्यतन सूची प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जीवन मिले और राजधानी को स्लम मुक्त बनाया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों को हटाकर वहां निवास कर रहे परिवारों को सुरक्षित और गरिमामय जीवन देने के लिए पुनर्वास की ठोस योजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुनर्वास स्थलों की भूमि की पहचान शीघ्र की जाए।

डीएम बंसल ने कहा कि स्लम हमारी संवेदनहीनता और लापरवाही का परिणाम हैं, और इन्हें सुधारने की जिम्मेदारी हमारी ही है। उन्होंने सभी विभागों को चेताया कि अब बहानों का समय नहीं है – जमीन, अधिकार क्षेत्र या कानूनी जटिलताओं को लेकर कोई देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के लिए सीवर, हाईटेंशन लाइन आदि का विस्थापन और नदी सौंदर्यीकरण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, नगर आयुक्त हेमंत कुमार वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top