Breaking News
एसआईआर कार्य में तेजी के साथ निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करें-डीएम
एसआईआर कार्य में तेजी के साथ निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करें-डीएम
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने पीएचसी मेहूवाला का किया निरीक्षण, 15 दिन में प्रसव सेवाएं शुरू करने के निर्देश
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने पीएचसी मेहूवाला का किया निरीक्षण, 15 दिन में प्रसव सेवाएं शुरू करने के निर्देश
कोटद्वार–देहरादून बस सेवा के लिए गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन लिमिटेड ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण का जताया आभार
कोटद्वार–देहरादून बस सेवा के लिए गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन लिमिटेड ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण का जताया आभार
जिला सेवायोजन विभाग के तत्वावधान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भीमताल में एक दिवसीय कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित
जिला सेवायोजन विभाग के तत्वावधान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भीमताल में एक दिवसीय कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित
देहरादून में 50 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, मौके पर सीलिंग
देहरादून में 50 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, मौके पर सीलिंग
तकनीकी शिक्षा विभाग को मिले 9 कर्मशाला अधीक्षक
तकनीकी शिक्षा विभाग को मिले 9 कर्मशाला अधीक्षक
छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, 30 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन का अवसर
छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, 30 सितम्बर तक ऑनलाइन आवेदन का अवसर
डिजिटल यूथ महोत्सव में विजेताओं की रही धूम, डीएम ने किया सम्मानित
डिजिटल यूथ महोत्सव में विजेताओं की रही धूम, डीएम ने किया सम्मानित
उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने कि दिशा में आउट ऑफ़ टर्न जॉब होगा मील का पत्थर साबित- रेखा आर्या
उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने कि दिशा में आउट ऑफ़ टर्न जॉब होगा मील का पत्थर साबित- रेखा आर्या

भारत-पाक मध्यस्थता के चीनी दावे पर कांग्रेस का हमला, सरकार से मांगा जवाबजयराम रमेश बोले—भारत-पाक तनाव पर चीन की मध्यस्थता का दावा चिंताजनक नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने को लेकर चीन द्वारा किए गए मध्यस्थता के दावे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इन बयानों को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए केंद्र सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी देश की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करती है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में स्थिति साफ करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चीन जैसे देश, जो खुले तौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है, उसके द्वारा भारत-पाक संबंधों में मध्यस्थता का दावा करना राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस का सवाल जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में भूमिका निभाई थी। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने अब तक इन दावों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। अब चीन के विदेश मंत्री द्वारा इसी तरह का बयान सामने आने से स्थिति और गंभीर हो गई है। कांग्रेस नेता ने यह भी याद दिलाया कि चार जुलाई 2025 को भारतीय सेना के उप प्रमुख राहुल सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत को चीन की ओर से रणनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ा था। ऐसे में चीन द्वारा मध्यस्थता का दावा कई सवाल खड़े करता है। ऑपरेशन सिंदूर और चीन की भूमिका पर उठे सवाल कांग्रेस ने कहा कि चीन की पाकिस्तान के प्रति झुकी हुई नीति जगजाहिर है। ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने में उसकी भूमिका का दावा न सिर्फ विरोधाभासी है, बल्कि यह देशवासियों को दिए गए भरोसे के भी खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को हल्के में लेने जैसा है। जयराम रमेश ने भारत-चीन संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि 2020 में चीन को लेकर दिए गए बयानों से भारत की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का व्यापार घाटा बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रों में चीन पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे हालात में यह जानना जरूरी है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में चीन की कथित भूमिका क्या थी। क्या है चीन का दावा गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना चीन की इस साल की कूटनीतिक सफलताओं में शामिल है। इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भारत का आधिकारिक रुख भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच उत्पन्न हालात दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत से सुलझाए गए थे। नई दिल्ली का स्पष्ट मत है कि भारत-पाकिस्तान से जुड़े मामलों में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है।

भारत-पाक मध्यस्थता के चीनी दावे पर कांग्रेस का हमला, सरकार से मांगा जवाबजयराम रमेश बोले—भारत-पाक तनाव पर चीन की मध्यस्थता का दावा चिंताजनक  नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने को लेकर चीन द्वारा किए गए मध्यस्थता के दावे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इन बयानों को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए केंद्र सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी देश की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करती है।  कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में स्थिति साफ करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चीन जैसे देश, जो खुले तौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है, उसके द्वारा भारत-पाक संबंधों में मध्यस्थता का दावा करना राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।  सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस का सवाल  जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में भूमिका निभाई थी। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने अब तक इन दावों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। अब चीन के विदेश मंत्री द्वारा इसी तरह का बयान सामने आने से स्थिति और गंभीर हो गई है।  कांग्रेस नेता ने यह भी याद दिलाया कि चार जुलाई 2025 को भारतीय सेना के उप प्रमुख राहुल सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत को चीन की ओर से रणनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ा था। ऐसे में चीन द्वारा मध्यस्थता का दावा कई सवाल खड़े करता है।  ऑपरेशन सिंदूर और चीन की भूमिका पर उठे सवाल  कांग्रेस ने कहा कि चीन की पाकिस्तान के प्रति झुकी हुई नीति जगजाहिर है। ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने में उसकी भूमिका का दावा न सिर्फ विरोधाभासी है, बल्कि यह देशवासियों को दिए गए भरोसे के भी खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को हल्के में लेने जैसा है।  जयराम रमेश ने भारत-चीन संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि 2020 में चीन को लेकर दिए गए बयानों से भारत की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का व्यापार घाटा बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रों में चीन पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे हालात में यह जानना जरूरी है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में चीन की कथित भूमिका क्या थी।  क्या है चीन का दावा  गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना चीन की इस साल की कूटनीतिक सफलताओं में शामिल है। इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।  भारत का आधिकारिक रुख  भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच उत्पन्न हालात दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत से सुलझाए गए थे। नई दिल्ली का स्पष्ट मत है कि भारत-पाकिस्तान से जुड़े मामलों में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है।

जयराम रमेश बोले—भारत-पाक तनाव पर चीन की मध्यस्थता का दावा चिंताजनक

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने को लेकर चीन द्वारा किए गए मध्यस्थता के दावे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इन बयानों को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए केंद्र सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी देश की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करती है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में स्थिति साफ करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चीन जैसे देश, जो खुले तौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है, उसके द्वारा भारत-पाक संबंधों में मध्यस्थता का दावा करना राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस का सवाल

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में भूमिका निभाई थी। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने अब तक इन दावों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। अब चीन के विदेश मंत्री द्वारा इसी तरह का बयान सामने आने से स्थिति और गंभीर हो गई है।

कांग्रेस नेता ने यह भी याद दिलाया कि चार जुलाई 2025 को भारतीय सेना के उप प्रमुख राहुल सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत को चीन की ओर से रणनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ा था। ऐसे में चीन द्वारा मध्यस्थता का दावा कई सवाल खड़े करता है।

ऑपरेशन सिंदूर और चीन की भूमिका पर उठे सवाल

कांग्रेस ने कहा कि चीन की पाकिस्तान के प्रति झुकी हुई नीति जगजाहिर है। ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने में उसकी भूमिका का दावा न सिर्फ विरोधाभासी है, बल्कि यह देशवासियों को दिए गए भरोसे के भी खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को हल्के में लेने जैसा है।

जयराम रमेश ने भारत-चीन संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि 2020 में चीन को लेकर दिए गए बयानों से भारत की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का व्यापार घाटा बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रों में चीन पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे हालात में यह जानना जरूरी है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में चीन की कथित भूमिका क्या थी।

क्या है चीन का दावा

गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना चीन की इस साल की कूटनीतिक सफलताओं में शामिल है। इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

भारत का आधिकारिक रुख

भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच उत्पन्न हालात दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत से सुलझाए गए थे। नई दिल्ली का स्पष्ट मत है कि भारत-पाकिस्तान से जुड़े मामलों में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top