Breaking News
अब मोबाइल पर मिलेगा त्वरित आपदा अलर्ट, स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम पूरे देश में लागू
अब मोबाइल पर मिलेगा त्वरित आपदा अलर्ट, स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम पूरे देश में लागू
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम
उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम
एक साल बाद बदली धराली की तस्वीर, आपदा के मलबे से निकलकर फिर खड़ी हुई जिंदगी
एक साल बाद बदली धराली की तस्वीर, आपदा के मलबे से निकलकर फिर खड़ी हुई जिंदगी
एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ
सूबे में खुलेगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं- डाॅ. धन सिंह रावत
सूबे में खुलेगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं- डाॅ. धन सिंह रावत
मतदाताओं के दस्तावेजों का हो तय समय पर सत्यापन- सीईओ
मतदाताओं के दस्तावेजों का हो तय समय पर सत्यापन- सीईओ
ग्राम खैनूरी की क्षतिग्रस्त सड़क का मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान
ग्राम खैनूरी की क्षतिग्रस्त सड़क का मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान

निकाय चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बढ़ा सकते है कैबिनेट का कुनबा, मंत्रिमंडल में चार पद है खाली 

निकाय चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बढ़ा सकते है कैबिनेट का कुनबा, मंत्रिमंडल में चार पद है खाली 

मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटते ही कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट हुई तेज 

देहरादून। पिछले 15 दिनों के दौरान विधायकों, मंत्रियों, सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्रियों की छोटी-छोटी मुलाकातें उत्तराखंड में विस्तार की ओर इशारा कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली से लौटते ही देहरादून में कैबिनेट विस्तार और दर्जाधारियों की खाली कुर्सियों को भरने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव से पहले मुख्यमंत्री कैबिनेट का कुनबा बढ़ा सकते हैं। अभी उनके मंत्रिमंडल में चार पद खाली हैं। बेशक कैबिनेट मंत्री रहे चंदन राम दास के निधन के बाद से ही कैबिनेट में बदलाव की बातें होती रही हैं। लेकिन इस बार चर्चाएं काफी तेज हैं। इसके लिए कुछ प्रमुख मेल मुलाकातों को आधार माना जा रहा है।

पहला धामी सरकार के कुछ मंत्रियों की दिल्ली दौड़, दूसरा संगठन और सरकार में मायने रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्रियों और सांसदों की केंद्रीय नेताओं से मुलाकातें और तीसरा पिछले कुछ दिनों में पार्टी के विधायकों की मुख्यमंत्री की शिष्टाचार भेंट।
कैबिनेट विस्तार की अटकलों को बल

दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री ने जिस तरह से पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, अरविंद पांडेय, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल के अलावा कई नए व पुराने विधायकों से सिलसिलेवार मुलाकातें कीं, इनसे भी कैबिनेट विस्तार की अटकलों को बल मिला है।

इन अटकलों के बीच यह बात भी काफी स्पष्ट है कि सीएम ने अपनी ओर कैबिनेट विस्तार की संभावना के अभी तक कोई संकेत नहीं दिए हैं। दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री धामी से मीडिया कर्मियों ने कैबिनेट विस्तार की संभावना से जुड़ा प्रश्न पूछा भी था। लेकिन वह इसे मुस्करा कर टाल गए थे।

धामी सरकार को करीब सवा दो महीने का कार्यकाल हो चुका है और जैसे-जैसे समय गुजर रहा है, कैबिनेट विस्तार को लेकर संगठन के स्तर से भी दबाव है। इस बार संगठन के भीतर भी कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं गरमा रही हैं। माना यह भी जा रहा है कि सीएम धामी के पास कैबिनेट विस्तार के बहाने अपने मंत्रियों की परफॉरमेंस का आकलन करने का मौका है।

यदि ऐसा होता है तो कैबिनेट में चेहरे बदलने से लेकर मंत्रियों के विभागों में फेरबदल तक की संभावना बन सकती है। मुख्यमंत्री भी अपने विभागों के बोझ को हलका कर सकते हैं। इतना ही नहीं चर्चाएं पार्टी के वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरकार में दायित्व और दर्जा बांटे जाने की भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top