Breaking News
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, तीन जगह ध्वस्तीकरण और दो निर्माण सील
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, तीन जगह ध्वस्तीकरण और दो निर्माण सील
त्योहारी सीजन में मिठाइयों की गुणवत्ता पर खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त, छह नमूने जांच को भेजे
त्योहारी सीजन में मिठाइयों की गुणवत्ता पर खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त, छह नमूने जांच को भेजे
भाजपा प्रदेश सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज का कोटद्वार एवं सतपुली में कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
भाजपा प्रदेश सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज का कोटद्वार एवं सतपुली में कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
बर्मिंघम में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डवासी खूब झूमे उत्तराखण्ड के लोक गीतों पर
बर्मिंघम में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डवासी खूब झूमे उत्तराखण्ड के लोक गीतों पर
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क, श्रीनगर में प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क, श्रीनगर में प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण
ईवीएम, वीवीपैट एवं कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच प्रक्रिया जारी
ईवीएम, वीवीपैट एवं कंट्रोल यूनिट की प्रथम स्तरीय जांच प्रक्रिया जारी
लगातार कब्ज की समस्या को न करें नजरअंदाज, त्वचा पर भी पड़ सकता है असर; एक्जिमा का बढ़ सकता है खतरा
लगातार कब्ज की समस्या को न करें नजरअंदाज, त्वचा पर भी पड़ सकता है असर; एक्जिमा का बढ़ सकता है खतरा
भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के पहले दिन हंगामा, कांग्रेस-उक्रांद का प्रदर्शन, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता
भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के पहले दिन हंगामा, कांग्रेस-उक्रांद का प्रदर्शन, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता

अब AI कंटेंट पर लगाना होगा लेबल, भारत सरकार के नए नियम लागू

अब AI कंटेंट पर लगाना होगा लेबल, भारत सरकार के नए नियम लागू

3 घंटे में हटाना होगा आपत्तिजनक कंटेंट

नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बीच केंद्र सरकार ने डिजिटल कंटेंट को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। 10 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के बाद ये नियम अब 20 फरवरी से प्रभावी हो गए हैं। भारत सरकार के इस फैसले के तहत अब एआई से तैयार किसी भी फोटो, वीडियो या ऑडियो पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा, ताकि लोगों को असली और नकली कंटेंट में फर्क समझने में आसानी हो।

इन नए नियमों के मुताबिक, एआई जनरेटेड कंटेंट पर “AI Generated” जैसे स्पष्ट निशान दिखाना जरूरी होगा। इसके अलावा हर फाइल के मेटाडेटा में उसकी पूरी जानकारी दर्ज रहेगी—जैसे कंटेंट कब बना, किस टूल से तैयार हुआ और पहली बार कहां अपलोड किया गया। इसे एक तरह का “डिजिटल डीएनए” माना जा रहा है, जिससे जांच एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर कंटेंट के स्रोत तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि एआई कंटेंट से जुड़े लेबल या तकनीकी जानकारी के साथ छेड़छाड़ करना अब गैर-कानूनी होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी जिससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ को रोका जा सके या संदिग्ध कंटेंट स्वतः हटाया जा सके। इसके साथ ही यूजर्स को कंटेंट अपलोड करते समय यह बताना भी जरूरी होगा कि वह एआई से तैयार किया गया है या नहीं।

नए नियमों में सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गई है। अब किसी भी आपत्तिजनक या गैर-कानूनी कंटेंट की शिकायत मिलने पर प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ 3 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा, जबकि पहले इसके लिए 36 घंटे का समय दिया जाता था। इस बदलाव से डिजिटल स्पेस में जवाबदेही और सख्ती दोनों बढ़ेंगी।

एक दिन पहले आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डिजिटल कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे खाद्य उत्पादों पर जानकारी दी जाती है, वैसे ही डिजिटल सामग्री पर भी उसकी प्रकृति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि लोग भ्रमित न हों।

सरकार ने खास तौर पर डीपफेक और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्त रुख अपनाया है। अगर एआई का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की पहचान की नकल करने, फर्जी वीडियो बनाने, बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री फैलाने या धोखाधड़ी के लिए किया जाता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि इन नियमों का मकसद एक सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट व्यवस्था तैयार करना है, जिससे एआई के दुरुपयोग पर लगाम लगाई जा सके और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता बढ़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top