Breaking News
उप निरीक्षक से निरीक्षक बने कुन्दन राम, SSP ने पिपिंग सेरेमनी में किया सम्मानित
उप निरीक्षक से निरीक्षक बने कुन्दन राम, SSP ने पिपिंग सेरेमनी में किया सम्मानित
कोटद्वार में बढ़ते जलस्तर के बीच नदी में फंसे 12 वर्षीय बालक को SDRF ने रोप रेस्क्यू से बचाया
कोटद्वार में बढ़ते जलस्तर के बीच नदी में फंसे 12 वर्षीय बालक को SDRF ने रोप रेस्क्यू से बचाया
देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी
देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, रेलवे ने दी कवच 4.0 की प्रगति रिपोर्ट
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, रेलवे ने दी कवच 4.0 की प्रगति रिपोर्ट
चमोली में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर तैयारी तेज, 63,347 नोटिसों का होगा वितरण
चमोली में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर तैयारी तेज, 63,347 नोटिसों का होगा वितरण
श्री दरबार साहिब में गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा का दिव्य संदेश
श्री दरबार साहिब में गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा का दिव्य संदेश
रैबार सांस्कृतिक समिति की अनूठी पहल, दून अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश
रैबार सांस्कृतिक समिति की अनूठी पहल, दून अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश
कांवड़ यात्रा 2026: ढालवाला में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन का एक्शन, सड़क किनारे हटाए गए कब्जे
कांवड़ यात्रा 2026: ढालवाला में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन का एक्शन, सड़क किनारे हटाए गए कब्जे
लोकसभा में हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पारित
लोकसभा में हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पारित

बदलते मौसम का असर- सर्दी-खांसी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी, जानिए खुद को कैसे रखें सुरक्षित

बदलते मौसम का असर- सर्दी-खांसी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी, जानिए खुद को कैसे रखें सुरक्षित

मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के साथ वायरल संक्रमण के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिन में बढ़ती गर्मी और सुबह-शाम की हल्की ठंड शरीर पर असर डाल रही है, जिससे लोग सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों और क्लीनिकों में गले में खराश, नाक बंद, छींक और हल्के बुखार की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, तापमान में उतार-चढ़ाव शरीर के लिए एक तरह का दबाव (थर्मल स्ट्रेस) पैदा करता है। ऐसे में शरीर को नए मौसम के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ सकता है। यही स्थिति वायरस को संक्रमण फैलाने का मौका देती है। इसी वजह से मौसम बदलते ही फ्लू, वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं।

जनरल फिजिशियन डॉ अरविंद शर्मा के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में ओपीडी में वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण सामान्य रूप से देखे जा रहे हैं। कई लोगों में स्वाद और गंध की क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित हो रही है, हालांकि ज्यादातर मामलों में यह कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक मौसम परिवर्तन वायरस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। इसके अलावा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाना, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना और स्वच्छता में कमी संक्रमण के खतरे को बढ़ा देती है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

वायरल फीवर मुख्य रूप से इन्फ्लूएंजा जैसे वायरस के कारण फैलता है, जो खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों या संक्रमित सतहों के संपर्क से तेजी से फैल सकता है। बदलते मौसम में यह संक्रमण ज्यादा सक्रिय हो जाता है।

बचाव के लिए डॉक्टर संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम पर जोर देते हैं। हाथों की सफाई बनाए रखना, भीड़-भाड़ में मास्क पहनना और बीमार लोगों से दूरी रखना भी जरूरी है। अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा बना रहे, सांस लेने में दिक्कत हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सावधानी और मजबूत इम्युनिटी के जरिए इस मौसमी वायरल संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top