सतपुली (चमोलीसेन) – बदलते पर्यावरण और घटती हरियाली को पुनर्जीवित करने की दिशा में कुंती दयाल फाउंडेशन ने एक अभिनव पहल शुरू की है। संस्था ने मोटर ग्लाइडिंग के माध्यम से बंजर पहाड़ी क्षेत्रों में बीज बॉल (बी बॉल) छिड़काव की शुरुआत की है, जिसके तहत प्रतिदिन 30 किलो बी बॉल उड़ान के जरिये फैलाई जा रही हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से लेकर आगामी हरेला पर्व तक, फाउंडेशन का लक्ष्य है – 2 लाख पौधों का रोपण। चमोलीसेन क्षेत्र में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां उन क्षेत्रों को बी बॉल से हरा करने की कोशिश की गई, जहां पेड़ों की भारी कमी है। यह पहल न केवल प्राकृतिक हरियाली लौटाने का माध्यम है, बल्कि सूखते जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी बड़ा प्रयास मानी जा रही है।
बी बॉल निर्माण की ज़िम्मेदारी स्थानीय महिला समूहों को सौंपी गई है। लगभग 50 महिलाओं ने एक माह में 50 किलो से अधिक बी बॉल तैयार की हैं, जिन्हें हरेला पर्व तक विभिन्न क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा। इस पहल से महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन का अवसर भी मिला है।

संस्था के सदस्य दिग्मोहन नेगी ने बताया कि यदि जिला प्रशासन और वन विभाग का सहयोग मिले, तो इस पहल को पूरे जिले में व्यापक रूप से लागू किया जा सकता है। इससे उजड़े जंगलों को फिर से हरा-भरा बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्टी वीरेंद्र सिंह नेगी, प्रदीप रावत, दिनेश कंडारी, नीरज शर्मा, विनय सिंह, अनीता देवी और कई चैतन्य महिला सदस्य भी उपस्थित रहे।
कुंती दयाल फाउंडेशन की यह पहल केवल हरियाली की नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार और भावी पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य की एक मजबूत नींव है।


