Breaking News
अब मोबाइल पर मिलेगा त्वरित आपदा अलर्ट, स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम पूरे देश में लागू
अब मोबाइल पर मिलेगा त्वरित आपदा अलर्ट, स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम पूरे देश में लागू
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम
उत्तराखण्ड : आध्यात्मिक राजधानी की दिशा में बढ़े कदम
एक साल बाद बदली धराली की तस्वीर, आपदा के मलबे से निकलकर फिर खड़ी हुई जिंदगी
एक साल बाद बदली धराली की तस्वीर, आपदा के मलबे से निकलकर फिर खड़ी हुई जिंदगी
एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ
सूबे में खुलेगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं- डाॅ. धन सिंह रावत
सूबे में खुलेगी सहकारी बैंक की 34 नई शाखाएं- डाॅ. धन सिंह रावत
मतदाताओं के दस्तावेजों का हो तय समय पर सत्यापन- सीईओ
मतदाताओं के दस्तावेजों का हो तय समय पर सत्यापन- सीईओ
ग्राम खैनूरी की क्षतिग्रस्त सड़क का मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान
ग्राम खैनूरी की क्षतिग्रस्त सड़क का मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान

दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा – सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा – सुप्रीम कोर्ट

सीएक्यूएम के आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर नहीं हो रहा मुकदमा – सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि कड़वी सच्चाई यह है कि दिल्ली में हर साल बढ़ रही वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर कोई भी मुकदमा नहीं चलाना चाहता।

न्यायमूर्ति एएस ओका ने कहा, “हर कोई जानता है कि चर्चा के अलावा कुछ नहीं हो रहा है। यह कड़वी सच्चाई है। पीठ में न्यायमूर्ति ए अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति एजी मसीह भी शामिल थे। पिछले हफ्ते, अदालत ने सीएक्यूएम को एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा था, जिसमें दिल्ली की खराब हवा के प्रमुख कारणों में से पराली जलाने से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण मांगा गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top