Breaking News
बार-बार थकना और ज्यादा प्यास लगना! बच्चों में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
बार-बार थकना और ज्यादा प्यास लगना! बच्चों में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ अमेजन का कार्गो विमान, कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत
लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ अमेजन का कार्गो विमान, कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 120 करोड़ के पार पहुंची कमाई
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 120 करोड़ के पार पहुंची कमाई
Vi के शेयर में अचानक आई तेजी, 3% से ज्यादा चढ़ा स्टॉक
Vi के शेयर में अचानक आई तेजी, 3% से ज्यादा चढ़ा स्टॉक
‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ भाजपा ने तैयार किया जनसेवा का रोडमैप
‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ भाजपा ने तैयार किया जनसेवा का रोडमैप
एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील
एमडीडीए का अवैध निर्माण पर शिकंजा, तीन निर्माण स्थल सील
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
महानिदेशक ने स्वास्थ्य महानिदेशालय की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
नैनीडांडा विकासखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा

गंदे कूलर पैड्स बन सकते हैं बीमारियों की वजह, जानिए कैसे रखें खुद को सुरक्षित

गंदे कूलर पैड्स बन सकते हैं बीमारियों की वजह, जानिए कैसे रखें खुद को सुरक्षित

गर्मी के दिनों में राहत पाने के लिए ज्यादातर घरों में कूलर का इस्तेमाल किया जाता है। तेज गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच कूलर कम खर्च में ठंडी हवा देने का अच्छा विकल्प माना जाता है। लेकिन अगर इसकी समय-समय पर सफाई न की जाए, तो यही कूलर स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। खासकर कूलर के गंदे पैड्स हवा के साथ धूल, बैक्टीरिया और फंगस फैलाकर कई बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक बिना साफ किए इस्तेमाल किए जाने वाले कूलर में नमी के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। जब कूलर चलता है तो ये दूषित कण हवा के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं, जिससे सांस संबंधी समस्याएं और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिलता है।

गंदे कूलर पैड्स से निकलने वाली हवा कई बार खांसी, जुकाम, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। इसके अलावा फंगस और धूल के कारण आंखों में जलन, त्वचा पर खुजली और एलर्जी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। कई बार कूलर से बदबूदार हवा आने लगती है, जिससे कमरे का वातावरण असहज हो जाता है और सिरदर्द या बेचैनी महसूस हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कूलर की टंकी में जमा गंदा पानी भी संक्रमण फैलाने का कारण बन सकता है। दूषित पानी में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जो हवा के माध्यम से शरीर में पहुंचकर बुखार और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए गर्मियों में कूलर की नियमित सफाई बेहद जरूरी मानी जाती है।

कूलर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखने के लिए हर दो से तीन दिन में पानी बदलना चाहिए। साथ ही कूलर पैड्स और टंकी की नियमित सफाई करनी चाहिए। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि ताजी हवा आती रहे। जरूरत पड़ने पर एंटी-बैक्टीरियल लिक्विड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर कूलर को न केवल लंबे समय तक बेहतर रखा जा सकता है, बल्कि परिवार को कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top