Breaking News
मसूरी में गढ़वाल सभा भूमि एवं भवन हेतु सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का आभार प्रकट करते गढ़वाल सभा के पदाधिकारी
मसूरी में गढ़वाल सभा भूमि एवं भवन हेतु सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का आभार प्रकट करते गढ़वाल सभा के पदाधिकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
जनता के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएगी कांग्रेस: डॉ. हरक सिंह रावत
जनता के मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएगी कांग्रेस: डॉ. हरक सिंह रावत
एसपी ऋषिकेश ने किया रायवाला कोतवाली का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण
एसपी ऋषिकेश ने किया रायवाला कोतवाली का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण
मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित
मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित
17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”
17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”
धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी
धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी
उत्तराखंड के मीडिया दल ने एनटीपीसी भ्रमण में देखी राष्ट्र के विकास की तस्वीर, कोयले से बिजली और राख से हरियाली
उत्तराखंड के मीडिया दल ने एनटीपीसी भ्रमण में देखी राष्ट्र के विकास की तस्वीर, कोयले से बिजली और राख से हरियाली
केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा राजभाषा हिंदी कार्यशाला आयोजित
केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा राजभाषा हिंदी कार्यशाला आयोजित

लेटर बम निकला ‘फुस्स’, बयान के बाद सियासत में पलटवार तेज

लेटर बम निकला ‘फुस्स’, बयान के बाद सियासत में पलटवार तेज

गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय ने लेटर को बताया झूठ का पुलिंदा

अरिवंद पांडेय के बयान के बाद बैक फुट पर कांग्रेस

गोदियाल के खिलाफ केस दर्ज करवाएगी भाजपा?

फेक नेरेटिव को लेकर गणेश गोदियाल पर उठने लगे सवाल!

देहरादून- प्रदेश की सियासत में जिस “लेटर बम” ने अचानक हलचल मचा दी थी, अब वही खुद सवालों के घेरे में खड़ा नजर आ रहा है। गदरपुर से विधायक अरविंद पांडेय ने सामने आकर पूरे मामले पर विराम लगाने की कोशिश की और साफ-साफ कहा “ना मैंने कोई पत्र लिखा है और ना ही उसमें लगाए गए आरोपों का कोई आधार है।” एक बयान ने उस पूरे सियासी तूफान की हवा निकाल दी, जिसे पिछले कई दिनों से कांग्रेस बड़ा मुद्दा बनाकर हल्ला मचा रही थी।

दरअसल, मामला तब गरमाया जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा किया कि भाजपा के गदरपुर विधायक ने अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर आरोपों वाला पत्र लिखा है। इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई, चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बनाने की पूरी कोशिश की।

लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब खुद कथित पत्र के लेखक बताए जा रहे अरविंद पांडेय ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे न सिर्फ “मनगढ़ंत” बताया, बल्कि यह भी कहा कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत गढ़ा गया झूठा नैरेटिव है, जिससे उनकी छवि और सरकार दोनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

इस पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी घेरने का प्रयास हुआ, लेकिन पांडेय के बयान के बाद अब सियासी समीकरण पूरी तरह बदलते दिख रहे हैं। जिस मुद्दे के जरिए सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश थी, वही अब विपक्ष के लिए असहज स्थिति पैदा करता नजर आ रहा है।

अब सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह “लेटर बम” सच में कोई खुलासा था, या फिर बिना बारूद का पटाखा, जो आवाज तो करता है लेकिन असर नहीं छोड़ता? और अगर यह नैरेटिव गढ़ा गया था, तो आखिर किस आधार पर और किस जल्दबाजी में?

सबसे दिलचस्प बात यह है कि अब कांग्रेस के भीतर भी इसको लेकर असंतोष की आहट सुनाई देने लगी है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि बिना ठोस सबूत के इस तरह के आरोप सार्वजनिक करना पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। पहले से जनाधार के संकट से जूझ रही कांग्रेस के लिए यह प्रकरण कहीं आत्मघाती साबित न हो जाए।

इसी बीच सियासी तापमान को और बढ़ाते हुए भाजपा खेमे में अब इस पूरे मामले को लेकर कानूनी विकल्पों पर भी विचार शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी गणेश गोदियाल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करने पर मंथन कर रही है। यदि ऐसा होता है तो यह विवाद सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कानूनी मोड़ भी ले सकता है।

कुल मिलाकर, जो मामला सरकार के लिए मुश्किल खड़ी करने वाला बताया जा रहा था, वह अब विपक्ष के लिए ही असहज सवालों की वजह बन गया है। सियासत में ‘नैरेटिव’ जितनी तेजी से बनते हैं, उतनी ही तेजी से टूटते भी हैं और इस बार, यह टूटन काफी शोर के साथ देखने को मिल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top