Breaking News
नंदा की चौकी में 12 घंटे में लौटी रफ्तार, तेज फैसलों और जवाबदेह शासन ने जीता लोगों का भरोसा
नंदा की चौकी में 12 घंटे में लौटी रफ्तार, तेज फैसलों और जवाबदेह शासन ने जीता लोगों का भरोसा
कांवड़ मेले को लेकर अलर्ट मोड पर दून पुलिस, ऋषिकेश में BDS का सघन चेकिंग अभियान
कांवड़ मेले को लेकर अलर्ट मोड पर दून पुलिस, ऋषिकेश में BDS का सघन चेकिंग अभियान
संसद में गूंजा उत्तराखंड का दर्द, सांसद अजय भट्ट ने बरसाती आपदाओं के लिए मांगा विशेष पैकेज
संसद में गूंजा उत्तराखंड का दर्द, सांसद अजय भट्ट ने बरसाती आपदाओं के लिए मांगा विशेष पैकेज
कालाढूंगी में ‘विकसित भारत 2047’ और ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान पर जागरूकता कार्यक्रम, चित्र प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया संदेश
कालाढूंगी में ‘विकसित भारत 2047’ और ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान पर जागरूकता कार्यक्रम, चित्र प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया संदेश
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सख्त, उपनल कर्मियों के अनुबंध तीन दिन में पूरे करने के निर्देश
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सख्त, उपनल कर्मियों के अनुबंध तीन दिन में पूरे करने के निर्देश
ऑरेंज अलर्ट पर नैनीताल प्रशासन हाई अलर्ट, 29 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी
ऑरेंज अलर्ट पर नैनीताल प्रशासन हाई अलर्ट, 29 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी
मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर देहरादून–कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस को मुंबई तक विस्तारित किए जाने का रेल मंत्री ने दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर देहरादून–कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस को मुंबई तक विस्तारित किए जाने का रेल मंत्री ने दिया आश्वासन
देहरादून में उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा की SDRF ने किया संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास
देहरादून में उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा की SDRF ने किया संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, इलेक्ट्रिक कार निर्माण को बढ़ावा देने की योजना पर सरकार ने दिया जवाब
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, इलेक्ट्रिक कार निर्माण को बढ़ावा देने की योजना पर सरकार ने दिया जवाब

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्टअभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्टअभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट

घूसखोर पंडित विवाद पर सुनवाई, शीर्षक बदलने के बाद मामला खत्म  

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान या उसे बदनाम करना स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि भाषण, मीम, कार्टून या किसी भी प्रकार की दृश्य कला के जरिए किसी वर्ग को नीचा दिखाना संविधान की भावना के खिलाफ है।

यह टिप्पणी घूसखोर पंडत फिल्म के शीर्षक को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आई। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने अपने अलग मत में कहा कि विशेष रूप से संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अधिक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए और धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर किसी समुदाय को निशाना बनाना संविधान का उल्लंघन है।

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति भुइयां और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने की। निर्माताओं द्वारा फिल्म का शीर्षक बदलने के बाद अदालत ने मामले का निस्तारण कर दिया। हालांकि औपचारिक आदेश की आवश्यकता नहीं थी, फिर भी अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएं भी तय हैं और बंधुता का सिद्धांत सर्वोपरि है।

इस दौरान अदालत ने हाल के विवादों का भी अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख किया, जिनमें हिमंत बिस्वा सरमा से जुड़ा मामला भी शामिल है। शीर्ष अदालत पहले ही इस संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए पक्षकारों को उच्च न्यायालय जाने की सलाह दे चुकी है।

अदालत ने दो टूक कहा कि किसी भी माध्यम से किसी समुदाय को अपमानित करना असंवैधानिक है और यह सिद्धांत खास तौर पर उन लोगों पर लागू होता है जो सार्वजनिक पदों पर रहते हुए संविधान की रक्षा की शपथ लेते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top