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चमोली में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 77 से अधिक गांव प्रभावित

चमोली में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 77 से अधिक गांव प्रभावित

कई क्षेत्रों में सड़कों पर बर्फ जमने से आवाजाही ठप

चमोली। चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के 77 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। कई क्षेत्रों में बर्फ जमने से आवाजाही ठप हो गई है और ग्रामीण अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

बर्फबारी के चलते लोगों को मवेशियों के चारे और पीने के पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़कों पर जमी बर्फ और फिसलन के कारण छोटे वाहन भी नहीं चल पा रहे हैं।

बंड विकास संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों का संपर्क मुख्य बाजारों और स्वास्थ्य सेवाओं से कट गया है। वहीं, रामणी गांव के पूर्व प्रधान सूरज पंवार ने कहा कि सड़क पर अत्यधिक फिसलन के कारण किसी भी प्रकार के वाहन का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है।

मंगलवार दोपहर बाद जिले में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ, जो पूरी रात जारी रहा। बुधवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे मौसम साफ हुआ और धूप खिली, हालांकि देर शाम फिर से बादल छाने लगे, जिससे ठंड और बढ़ गई।

सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ के आसपास के लगभग 36 गांव बर्फबारी से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चमोली, पोखरी, गैरसैंण, थराली, कर्णप्रयाग और नंदानगर विकासखंडों के कई गांवों में भी बर्फ जमने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि ज्योतिर्मठ क्षेत्र के कुछ सीमांत गांवों से लोग पहले ही शीतकालीन प्रवास पर निचले क्षेत्रों में जा चुके हैं, लेकिन शेष गांवों में हालात कठिन बने हुए हैं।

बर्फ से प्रभावित गांवों में ज्योतिर्मठ क्षेत्र के पांडुकेश्वर, औली, तपोवन, द्रोणागिरी, नीती, माणा, मलारी, गमशाली, बाम्पा सहित अनेक गांव शामिल हैं। वहीं चमोली क्षेत्र के बमियाला, अनसूया, पाणा, गैरसैंण के दीवालीखाल और भराड़ीसैंण, थराली क्षेत्र के ग्वालदम, लोहाजंग, वाण तथा घाट क्षेत्र के सुतोल, कनोल, रामणी, सितेल सहित कई गांवों में बर्फबारी का असर देखा गया है।

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