Breaking News
गढ़ी कैंट स्थित गुचुपानी में पर्यटकों का लगा जमावड़ा, ठंडे पानी से मिटा रहे थकान
खेत में पानी चलाने को लेकर खूनी विवाद, एक की मौत; दून पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
खेत में पानी चलाने को लेकर खूनी विवाद, एक की मौत; दून पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
उत्तराखंड लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया तेज, खोजबीन समिति का हुआ गठन
उत्तराखंड लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया तेज, खोजबीन समिति का हुआ गठन
उत्तराखंड में लागू हुआ देवभूमि परिवार कानून, अब हर परिवार की बनेगी यूनिक आईडी
उत्तराखंड में लागू हुआ देवभूमि परिवार कानून, अब हर परिवार की बनेगी यूनिक आईडी
मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से किया संवाद, आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से किया संवाद, आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान
‘राव बहादुर’ का दमदार टीजर रिलीज, रहस्य और रोमांच से भरपूर दिखी सत्यदेव की नई दुनिया
‘राव बहादुर’ का दमदार टीजर रिलीज, रहस्य और रोमांच से भरपूर दिखी सत्यदेव की नई दुनिया
हर वक्त रहती है थकान और सुस्ती? तो इन योगासनों का करें अभ्यास, शरीर को मिलेगी ऊर्जा
हर वक्त रहती है थकान और सुस्ती? तो इन योगासनों का करें अभ्यास, शरीर को मिलेगी ऊर्जा
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुली

फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुली

घांघरिया से रवाना हुआ पहला दल, बर्फबारी से क्षतिग्रस्त रास्ते किए गए दुरुस्त

चमोली – उत्तराखंड की प्रसिद्ध विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी का द्वार एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। एक जून की सुबह घाटी के प्रवेश द्वार से पहला पर्यटक दल रवाना हुआ, marking the beginning of the eagerly awaited पर्यटन सीजन।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस घाटी की पगडंडियों पर पहले दिन 49 पर्यटकों ने कदम रखे, जिनमें अधिकांश ने स्थल पर पहुंचकर पंजीकरण कराया, जबकि कुछ ने ऑनलाइन माध्यम से एडवांस बुकिंग की थी।

हर वर्ष हजारों की संख्या में सैलानी इस अलौकिक घाटी की सैर को आते हैं, जो अपने रंग-बिरंगे फूलों, हिमालयी घाटियों और दुर्लभ वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है। घाटी का प्रवेश हर साल 1 जून को खोला जाता है और 31 अक्टूबर तक सीमित रहता है, जिसके बाद इसे शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है।

वन विभाग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि रास्तों की मरम्मत, अस्थायी पुलों का निर्माण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएँ समय रहते पूरी कर ली गई हैं, ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।

फूलों की घाटी में जुलाई-अगस्त के दौरान सौंदर्य अपने चरम पर होता है, जब 350 से ज्यादा किस्मों के फूल खिलते हैं। पूरे सीजन में 500 से अधिक फूलों की प्रजातियाँ यहां देखी जा सकती हैं। इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी सक्रिय किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top