Monday, August 8, 2022
Home घुम्मकड़ इंडिया लेह लद्दाख में घूमने लायक टॉप 15 पर्यटन स्थल

लेह लद्दाख में घूमने लायक टॉप 15 पर्यटन स्थल

लेह लद्दाख भारत के सबसे खूबसूरत केंद्र शासित प्रदेश है। भारत के सबसे खूबसूरत पर्यटन में से एक लद्दाख अब काराकोरम रेंज में सियाचिन ग्लेशियर से लेकर दक्षिण में मुख्य महान हिमालय तक का क्षेत्र घेरता है। ज्यादातर लोगों को लेह और लद्दाख को एक ही जगह समझते हैं लेकिन बता दें कि जम्मू और कश्मीर राज्य को तीन भागों में विभाजित किया गया है जिसमें जम्मू, कश्मीर और लद्दाख आते हैं। लद्दाख दो भागों में बांटा गया है जिसमें लेह जिला और कारगिल जिला शामिल है।

लेह शहर यहां स्थित अपने आकर्षक मठों, खूबसूरत पर्यटन स्थलों और शानदार बाजारों की वजह से पर्यटकों का पसंदिदा स्थान है। लेह लद्दाख अपने कठिन रास्तों, खूबसूरत बर्फबारी और कई साहसिक गतिविधियों की वजह से भारत में घूमने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। अगर आप लेह लद्दाख की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं या करने के लिए तैयार हैं तो इस आर्टिकल को अवश्य पढ़ें जहाँ हम आपको लेह लद्दाख के 15 खास पर्यटन स्थलों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1. लेह लद्दाख में पर्यटन स्थल पैंगोंग झील 

लेह लद्दाख में पर्यटन स्थल पैंगोंग झील - Leh Ladakh Me Paryatan Sthal Pangong Lake In Hindi

ब्लू पैंगोंग झील हिमालय में लेह-लद्दाख के पास स्थित प्रसिद्ध झील है जो 12 किलोमीटर लंबी है और भारत से तिब्बत तक फैली हुई है। यह झील करीब 43,000 मीटर की ऊंचाई पर है, जिसकी वजह से इसका तापमान -5 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, यह अपनी लवणता के बावजूद भी सर्दियों के मौसम में पूरी तरह से जम जाती है। इस झील को पैंगॉन्ग त्सो के रूप में भी जाना जाता है और यह लम्बे समय से लेह लाद्द्ख का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। लेह लद्दाख की एक खूबसूरत जगह होने के साथ यह कई फिल्मों की शूटिंग का हॉट-स्पॉट होने की वजह से इस झील को काफी लोकप्रियता मिली है। पैंगोंग झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता, क्रिस्टल जल और कोमल पहाड़ियाँ क्षेत्र के सुंदर परिदृश्य की वजह से एक लेह-लद्दाख का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।

2. मैग्नेटिक हिल लेह लद्दाख के पर्यटन स्थल

मैग्नेटिक हिल लेह लद्दाख के पर्यटन स्थल- Leh Ladakh Ke Paryatan Sthal Magnetic Hill In Hindi

लद्दाख के लोकप्रिय मैग्नेटिक हिल को ग्रेविटी हिल भी कहा जाता है, जहाँ पर वाहन गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से अपने आप पहाड़ी की तरफ बढ़ते हैं। यह पहाड़ी समुद्र के स्तर से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर और लेह शहर से 30 किमी की दूरी पर स्थित है। पहाड़ी के पूर्वी हिस्से में सिंधु नदी बहती है, जो तिब्बत में निकलती है जो लद्दाख की यात्रियों के लिए एक अवश्य पड़ाव है। इस पहाड़ी में एक ऑप्टिकल भ्रम या वास्तविकता, लद्दाख में मेगनेटिक हिल का रहस्य दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है।

3. लेह लद्दाख में घूमने की जगह लेह पैलेस 

लेह लद्दाख में घूमने की जगह लेह पैलेस - Leh Ladakh Me Ghumne Ki Jagah Leh Palace In Hindi

लेह पैलेस जिसे ‘Lhachen Palkhar’ के नाम से भी जाना जाता है जो लेह लद्दाख का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है और देश की एक ऐतिहासिक समृद्ध सम्पदाओं में से एक है। इस भव्य और आकर्षक संरचना को 17 वीं शताब्दी में राजा सेंगगे नामग्याल ने एक शाही महल के रूप में बनवाया था और इस हवेली में राजा और उनका पूरा राजसी परिवार रहता था। लेह पैलेस अपने समय की सबसे ऊँची इमारतों में से एक है जिसमें नौ मंजिलें हैं। ये महल लेह कर पूरे शहर का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है।

4. लेख लद्दाख की आकर्षक जगह चादर ट्रैक

लेख लद्दाख की आकर्षक जगह चादर ट्रैक- Leh Ladakh Ki Akarshak Jagha Chadar Trek In Hindi

चादर ट्रैक लेह लद्दाख के सबसे कठिन और सबसे साहसिक ट्रेक में से एक है। इस ट्रैक को चादर ट्रैक इसलिए कहा जाता है क्योंकि जांस्कर नदी सर्दियों के दौरान नदी से बर्फ की सफेद चादर में बदल जाती है। चदर फ्रोजन रिवर ट्रेक दूसरे ट्रेकिंग वाली जगह से बिलकुल अलग है।

5. लेह लद्दाख में दर्शनीय स्थल फुगताल मठ

लेह लद्दाख में दर्शनीय स्थल फुगताल मठ- Leh Ladakh Me Darshniya Sthal Phugtal Monastery In Hindi

फुकताल या फुगताल मठ एक अलग मठ है जो लद्दाख में जांस्कर क्षेत्र के दक्षिणी और पूर्वी भाग में स्थित है। यह उन उपदेशकों और विद्वानों की जगह है जो प्राचीन काल में यहां रहते थे। यह जगह ध्यान करने, शिक्षा, सीखने और एन्जॉय करने की जगह थी। झुकरी बोली में फुक का अर्थ है “गुफा”, और ताल का अर्थ है “आराम ” होता है। यह 2250 साल पुराना मठ एकमात्र ऐसा मठ है जहाँ पर पैदल यात्रा करके पहुंचा जा सकता है। फुगताल मठ लद्दाख के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए एक बहुत खास जगह है। अगर आप लेह लद्दाख की यात्रा करने के लिए जा रहे हैं तो इस पर्यटन स्थल की सैर करना न भूलें। यहां मंदिर में लोगों द्वारा अच्छे जीवन और कामों के लिए हर दिन प्रार्थना की जाती है। यहां के त्यौहारों बहुत ही उत्साह और मनोरंजन के साथ मनाया जाता है।

6. लेह लद्दाख का धार्मिक स्थल गुरुद्वारा पथर साहिब

लेह लद्दाख का धार्मिक स्थल गुरुद्वारा पथर साहिब-- Leh Ladakh Me Dharmik Sthal Gurudwara Pathar Sahib In Hindi
Image Credit: Abhishek Jain

गुरुद्वारा पथर साहिब लेह से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस खूबसूरत गुरुद्वारा साहिब 1517 में गुरु नानक की याद में बनाया गया था। जैसा कि इसके नाम से ही समझ आता है कि लेह का यह तीर्थ स्थल एक अचल चट्टान है जिसको गुरु नानक जी की नेगेटिव इमेज माना जाता है। यह जगह कई ट्रक चालकों और सेना के काफिले के लिए एक बहुत ही खास जगह है। यहां आगे के कठिन मार्ग की यात्रा करने से पहले प्रसिद्ध गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करना शुभ माना जाता है।

7. लेह लद्दाख का धार्मिक स्थल शांति स्तूप

लेह लद्दाख का धार्मिक स्थल शांति स्तूप- Leh Ladakh Me Dharmik Sthal Shanti Stupa In Hindi

शांति स्तूप लेह लद्दाख का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जो एक बौद्ध सफेद गुंबद वाला स्तूप है। शांति स्तूप का निर्माण एक जापानी बौद्ध भिक्षु ग्योम्यो नाकामुरा द्वारा बनाया गया था और 14 वें दलाई लामा द्वारा खुद को विस्थापित किया गया था। यह स्तूप अपने आधार पर बुद्ध के अवशेष रखता है और यहां के आसपास के परिदृश्य का मनोरम दृश्य प्रदान करता है। शांति स्तूप को लेह में एक प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है जो समुद्र तल से 4,267 मीटर की ऊंचाई और सड़क मार्ग से 5 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां वैकल्पिक रूप से आप लेह शहर से 500 सीढ़ियां चढ़कर स्तूप तक पहुंच सकते हैं।

8. लेह लद्दाख की अद्भुद जगह खारदुंग ला पास लेह लद्दाख की अद्भुद जगह खारदुंग ला पास - Leh Ladakh Ki Adbhud Jagha Khardung La Pass In Hindi

खारदुंग ला पास को लद्दाख क्षेत्र में नुब्रा और श्योक घाटियों के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। खारदुंग ला दर्रा, जिसे आमतौर पर खड़जोंग ला कहा जाता है, यह सियाचिन ग्लेशियर में एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्ट्रेटेजिक पास है जो 5,602 मीटर की ऊंचाई पर दुनिया के सबसे ऊँचे मोटर सक्षम पास होने का दावा करता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, हवा यह महसूस करवाती है जैसे कि आप दुनिया के शीर्ष पर हैं। पिछले कुछ सालों में खारदुंग ला पास लेह लद्दाख का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है।

9. लेह लद्दाख का प्रमुख दर्शनीय स्थल हेमिस मठ 

लेह लद्दाख का प्रमुख दर्शनीय स्थल हेमिस मठ - Leh Ladakh ka Pramukh Darshniya Sthal Hemis Monastery In Hindi

लेह शहर के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थल में हेमिस मठ का नाम भी शामिल है जो 11 वीं शताब्दी से पहले अस्तित्व में है और इसको 1672 में फिर से स्थापित किया गया था। यह एक तिब्बती मठ है जो सबसे धनी है और लद्दाख में सबसे बड़ा है। हेमिस मठ लेह शहर से 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जो हर 12 साल में खुलता है। हेमिस मठ हर साल भगवान पद्मसंभव के सम्मान में आयोजित वार्षिक उत्सव की मेजबानी करता है। यह दुनिया में होने वाले आकर्षक उत्सवों में से एक है। आपको बता दें कि हेमिस लुप्तप्राय प्रजाति “शो तेंदुआ” का भी घर है, जो यहां स्थित हेमिस नेशनल पार्क में पाया जाता है।

10. लेह लद्दाख में घूमने की जगह लेह मार्केट

लेह लद्दाख में घूमने की जगह लेह मार्केट- Leh Ladakh Me Ghumne Ki Jagha Leh Market In Hindi

लेह मार्किट लेह-लद्दाख में पहला ऐसा स्थान है जिसको आप अपनी यात्रा के समय देखेंगे क्योंकि यह बिलकुल शहर के बीच में स्थित है। अगर आप लेह लद्दाख की यात्रा करने जा रहे हैं तो हम आपको यही सलाह देंगे कि आपको इस बाजार का दौरा जरुर करना चाहिए। लेह मार्किट एक ऐसी जगह है जहाँ पर आप बहुत कुछ खरीद सकते हैं। बता दें कि इस मार्किट में कई छोटे तिब्बती बाजार और स्मारिका की दुकानें हैं जो कशीदाकारी पैच जैसे विभिन्न लेख पेश करती हैं जो कस्टम मेड, पश्मीना शॉल, प्रार्थना के पहिये और विभिन्न चांदी की कलाकृतियों के रूप में हो सकते हैं। शॉपिंग करने के अलावा आप यहां लेह के कई तरह के स्थानीय भोजन का भी आनंद ले सकते हैं।

11. लद्दाख में राफ्टिंग

लद्दाख में राफ्टिंग- River Rafting In Ladakh In Hindi

अगर आप लेह लद्दाख की यात्रा करने जा रहे हैं तो आपको यहां पर जांस्कर नदी पर राफ्टिंग करना एक खास अनुभव दे सकता है। जांस्कर नदी को भारत का ग्रैंड कैन्यन कहा जाता है। जांस्कर नदी राफ्टिंग दुनिया की सबसे अच्छी नदी यात्राओं में से एक है। लेकिन अगर आप राफ्टिंग के लिए जाते हैं तो अपने साथ पर्याप्त पीने के पानी ले जाना न भूलें। नदी में राफ्टिंग करने के लिए आप गाइड द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करें। जून से लेकर सितंबर के महीने राफ्टिंग के लिए अच्छे हैं।

12. लेह लद्दाख में देखने लायक जगह स्टोक पैलेस 

लेह लद्दाख में देखने लायक जगह स्टोक पैलेस - Leh Ladakh Me Dekhne Layak Jagha Stok Palace In Hindi

स्टोक पैलेस सिंधु नदी के करीब स्थित लेह-लद्दाख में देखने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। इस महल को 1825 ईस्वी में राजा त्सेपाल तोंदुप नामग्याल द्वारा बनाया गया था। यह आकर्षक महल अपनी वास्तुकला, डिजाइन, सुंदर उद्यानों और अद्भुत दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। इसके साथ ही यह महल शाही पोशाक, मुकुट और अन्य शाही सामग्रियों के संग्रह का स्थान भी है। स्टोक पैलेस को देखने के लिए आप जीपों और साझा टैक्सियों के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।

13. लेह लद्दाख माउंटेन बाइकिंग लेह लद्दाख माउंटेन बाइकिंग - Mountain Biking In Ladakh In Hindi

लेह-लद्दाख को माउंटेन बाईकर्स के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहां पर हर साल हजारों पर्यटक खड़ी ढलानों और एड्रेनालाईन के रास्ते पर बाइकिंग का मजा लेने के लिए आते हैं। साहसी माउंटेन बाइकर्स के लिए लेह-मनाली राजमार्ग शानदार सड़क है, जहाँ से सुरम्य परिदृश्य का आनंद ले सकते हैं। लद्दाख में माउंटेन बाइकिंग के लिए सबसे अच्छा समय मई से सितंबर तक का है क्योंकि यह बाइकिंग के लिए मई के अंत में खुलता है और सितंबर के अंत तक बंद हो जाता है।

14. लेह लद्दाख की खास जगह कारगिल 

लेह लद्दाख की खास जगह कारगिल – Kargil Leh Ladakh Ki Khass Jagha In Hindi

कारगिल नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के बाल्टिस्तान के पश्चिम और दक्षिण में कश्मीर घाटी के सामने पास स्थित है। सुरू, वाखा और द्रास घाटियों के साथ कारगिल जिले का हिस्सा है। कारगिल 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष में केंद्र था।

15. लेह लद्दाख में पर्यटन स्थल त्सो कर झील

लेह लद्दाख में पर्यटन स्थल त्सो कर झील - Leh Ladakh Me Paryatan Sthal Tso Kar Jheel In Hindi

त्सो कर प्राकृतिक लद्दाख घाटी में एक उतार चढ़ाव वाली झील है जो सफेद झील के रूप में लोकप्रिय है और अपने समकक्षों त्सो मोरीरी और पैंगोंग त्सो के विपरीत यह सबसे शांत और तीनों में सबसे छोटी है। त्सो कर झील पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है क्योंकि यहां पर कई तरह के अद्भुद दलदली पक्षी पाए जाते हैं।

16. पैंगोंग झील की जुड़वां त्सो मोरीरी झील 

पैंगोंग झील की जुड़वां त्सो मोरीरी झील - Tso Moriri Pangong Ki Judwa Jheel In Hindi

त्सो मोरीरी झील पैंगोंग झील की जुड़वां झील है जो चांगटांग वन्यजीव अभयारण्य के अंदर स्थित है। बता दें कि यह झील यहां आने वाले पर्यटकों को सुंदर वातावरण और शांति प्रदान करती है। इस झील का जल निकाय उत्तर से दक्षिण तक लगभग 28 किमी और गहराई में लगभग 100 फीट है। बर्फ से ढके खूबसूरत पहाड़ों की पृष्ठभूमि के साथ आकर्षक त्सो मोरीरी झील बंजर पहाड़ियों से घिरी हुई है। वैसे लोग इस झील के बारे बहुत कम जानते हैं इसलिए यहां पर पर्यटकों की ज्यादा भीड़ नहीं होती। अगर आप लेह लद्दाख की यात्रा करने के लिए जा रहे हैं तो अपने पर्यटन स्थलों की सूचि में इस शांत झील का नाम जरुर शामिल अवश्य करें।

17. लेह लद्दाख की लोकेशन का मैप

RELATED ARTICLES

भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकते हैं फ्लोटिंग सोलर

भारत का लक्ष्य इस साल के अंत तक 100 गीगावॉट सौर ऊर्जा का है, लेकिन फ्लोटिंग सोलर प्लांट्स इस लक्ष्य की योजना का हिस्सा...

नेपाल के एवरेस्ट में हिमालयी भेड़ियों की दहशत

रमेश बुशाल अप्रैल, 2022 की एक खूबसूरत सुबह थी। माउंट एवरेस्ट को उत्तर-पूर्वी नेपाल के नामचे में सागरमाथा (एवरेस्ट) राष्ट्रीय उद्यान कार्यालय से स्पष्ट रूप...

सर्दियों के मौसम के लिए उत्तराखण्ड के खूबसूरत ट्रैक, साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए पहली पसंद बन रहे हैं विंटर ट्रैक

सर्दियों के मौसम के लिए उत्तराखण्ड के खूबसूरत ट्रैक, साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए पहली पसंद बन रहे हैं विंटर ट्रैक उत्तराखंड के प्रसिद्ध...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Post

हर घर तिरंगा अभियान के तहत गांधी पार्क देहरादून में किया गया कार्यक्रम का आयोजन

देहरादून।  76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, इसके साथ ही हर घर तिरंगा अभियान भी चलाया...

लक्ष्य सेन डेब्यू पर ही बने कॉमनवेल्थ गेम्स चौंपियन, 3 गेम में जीता फाइनल, सीएम धामी ने स्वर्ण पदक जीतने पर दी बधाई

नई दिल्ली। भारत के युवा शटलर लक्ष्य सेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सोमवार को पुरुष सिंगल्स का गोल्ड मेडल जीत लिया है। बर्मिंघम में...

पूर्व आईएफएस किशनचंद सहित कई अधिकारियों पर मुकदमे की शासन ने दी अनुमति, जानिए क्या था पूरा मामला

देहरादून। पूर्व आईएफएस किशनचंद व अन्य अधिकारियों पर मुकदमे की शासन ने अनुमति दे दी है। कॉर्बेट पार्क में टाइगर सफारी बनने में अनियमितता...

उत्तराखंड में पैर पसार रहा कैंसर, दून अस्पताल में तीन तरह से होगा कैंसर का इलाज

देहरादून। देश में हर साल बड़ी संख्या में कैंसर से पीड़ित लोग अपनी जान गंवाते हैं। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कैंसर के खिलाफ...

अवैध असलहा रखने के दोषी कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को एक साल कैद, मंत्री संजय निषाद पर भी लटकी कानून की तलवार

कानपुर। अवैध असलहा रखने में आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिए गए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट तृतीय आलोक...

CM धामी ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से की भेंट, राज्य से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर की चर्चा

नई दिल्ली।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सङक परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय...

रक्षाबंधन किस दिन मनाएं.? 11 या 12 अगस्त को.? तिथि को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन, देखें किस दिन है शुभ मुहूर्त

भाई-बहनों के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन 2022 की सरकारी छुट्टी 11 अगस्त को है। इस बार रक्षाबंधन किस दिन है इसको लेकर लोगों के...

हम दो हमारे बारह को लोगों ने बताया इस्लामोफोबिक, डायरेक्टर की सफाई – बोले फिल्म देखेंगे तो खुशी होगी

हाल ही हम दो हमारे बारह नाम की एक फिल्म का पोस्टर रिलीज किया गया, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है और सोशल...

जेल में मनेगी संजय राउत की जन्माष्टमी, जमीन घोटाला मामले में कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

मुंबई । मुंबई की एक विशेष अदालत ने शहर में एक चॉल के पुनर्विकास में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार...

11 अगस्त से पहले बिहार में खेला होने के संकेत, टूटने की कगार पर भाजपा और जेडीयू का गठबंधन, नीतीश ने बुलाई विधायकों की...

पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के जेडीयू से इस्तीफा देते ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एनडीए में ऑल...