Monday, August 8, 2022
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ऋषिकेश में घूमने की जगह एवं संपूर्ण जानकारी 

ऋषिकेश घूमने की संपूर्ण जानकारी 

ऋषिकेश उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में स्थित एक बहुत माना हुआ स्थल है। ऐसी बहुत सारी जगह ऋषिकेश में माने जाने वाली हैं | जैसे कि लक्ष्मण झूला, त्रिवेणी घाट, वशिष्ठ गुफा , नीलकंठ महादेव मंदिर।यह जगह बहुत ही पवित्र मानी जाते हैं । लक्ष्मण झूला गंगा नदी के ऊपर बना एक प्रसिद्ध हैंगिंग ब्रिज है। लक्ष्मण झूला ऋषिकेश शहर के उत्तर पूर्व में 5 किलोमीटर की दूरी पर है। पूरा पुल लोहे से बना हुआ है और इसकी लंबाई 450  फिट लंबी है और इसकी ऊंचाई 70 फीट गंगा नदी से है। ऋषिकेश में काफी ऐसे स्थल हैं जो कि बहुत प्रसिद्ध माने जाते हैं।लक्ष्मण झूला की कुछ ऐसी कहानी है जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है और वहां पर जाने पर मजबूर करती है। चलिए हम कुछ आपको ऐसी कहानी बताते हैं लक्ष्मण झूला के बारे मे जिससे आप सुनकर वहां जाना पसंद करेंगे।

माना जाता है कि भगवान राम के छोटे भाई भगवान लक्ष्मण इसी स्थान पर और इसी गंगा नदी को पार किया था, जहां अब पुल देखने के लिए बन गया है।लक्ष्मण झूला 1929 में बना था।लक्ष्मण झूला के आसपास ऐसे प्रसिद्ध मंदिर है जो बहुत महत्वपूर्ण है और उनकी महानता है।महत्वपूर्ण मंदिरों का नाम मंजिला मंदिर,  लक्ष्मण मंदिर, राम झूला आदि शामिल है।

ऋषिकेश के कुछ ऐसे रंग भी है जिससे हम लोग देखकर आकर्षित होते हैं।  तो आइए कुछ ऐसी झलक देखे ऋषिकेश की। जैसे कि कहा जाता है समुद्र मंथन के दौरान निकला विष शिव ने इसी स्थान पर पिया था। विष पीने के बाद उनका गला नीला पड़ गया उस स्थान का नाम नीलकंठ से जाना जाता है। भगवान राम ने वनवास के दौरान यहां के जंगलों में अपना समय व्यतीत किया था। इसका प्रमाण लक्ष्मण झूला माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि ऋषि रैप्य ने यहां कठोर तपस्या करी थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान हृषीकेश के रूप में प्रकट हुए। तब से स्थान को ऋषिकेश के नाम से जाना जाता है।

ऋषिकेश मेडिकल कॉलेज – 

1फरवरी 2004 को केंद्र सरकार ने ऋषिकेश में 1800 करोड़ रुपए एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(ऐम्स) का निर्माण किया।देहरादून और ऋषिकेश के बीच जौलीग्रांट नामक स्थान पर संत डॉक्टर स्वामी राम 1989 मैं स्थापित किया गया था। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ,ऋषिकेश(ऐम्स) भारत के उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थापित एक महाविद्यालय है। यह भारत के राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में से एक है। एम्स ऋषिकेश में से एक प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना सरकार द्वारा स्थापित किया गया था। और जान के भी आपको यह खुशी होगी की इस मेडिकल कॉलेज के दौरान छह  नए एम्स संस्थान बनाए गए। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना सभी शाखाओं में फैली हुई है। ताकि भारत में चिकित्सा शिक्षा हर छात्र को प्राप्त हो। और इस चिकित्सा शिक्षा में आत्मनिर्भरता भाई जा सके।

ऋषिकेश के खूबसूरत पर्यटक स्थल – 

ऋषिकेश में ऐसी 10 जगह हैं जो बहुत खूबसूरत है और लोगों का मन मोह लेती हैं। ऋषिकेश के बारे में ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति यहां आता है समझो उसने पूरा  जगत (संसार) देख लिया हो। यहां पर प्रकृति से जुड़ी हर चीजें होती हैं। उन 10 जगहों का नाम जो कि बहुत पावन है और खूबसूरत भी है।आइए इन महान स्थलों के बारे में कुछ जानकारी प्राप्त करें-

1. लक्ष्मण झूला ऋषिकेश – 

भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने इसी स्थान पर जूट की रस्सियो के सहारे नदी को पार किया था।स्वामी विश्वानंद की प्रेरणा से यह पुल 1889 लोहे के मजबूत तारों से बना था। इस पुल के पश्चिम किनारे पर भगवान लक्ष्मण का मंदिर है। जबकि इसकी दूसरी और भगवान राम का मंदिर है।कहा जाता है कि स्वयं श्री राम इस स्थल पर खुद आए थे। पुल को पार करके पैदल रास्ता बद्रीनाथ को और दाएं और स्वर्ग आश्रम को जाता है।

2. राम झूला ऋषिकेश – 

राम झूला ऋषिकेश के एक प्रमुख लैंडमार्क पर बना पुल है। यह स्थान की रेती से 3 किलोमीटर की दूरी पर है। गंगा नदी के ऊपर बना हुआ पुल है। यह पुल लक्ष्मण झूला से भी बड़ा पुल है ‌स्वर्ग आश्रम और विश्व आनंद आश्रम को साथ में जोड़ता है। इस पुल का निर्माण 1983 मैं किया गया था। बता दें कि इस पुल के किनारे लक्ष्मण जी का एक प्राचीन मंदिर है। यह पुल स्वर्ग आश्रम और शिवानंद आश्रम के बीच बना है इसलिए इसे शिवानंद झूला भी कहा जाता है। राम झूला लक्ष्मण झूला के नजदीक स्थित है।राम झूले पर जब लोग चलते हैं तो यह झूलता हुआ दिखाई देता है।

3. त्रिवेणी घाट ऋषिकेश – 

त्रिवेणी घाट प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट प्रमुख घाट जहां प्रातः काल में गंगा नदी डुबकी लगाते है। कहा जाता है कि त्रिवेणी घाट पर हिंदू धर्म की तीन प्रमुख नदियां हैं। गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है। त्रिवेणी घाट से गंगा नदी दाई ओर मुड़ जाती है। इस घाट  घाट पर शिवजी की जटा से निकलती गंगा एक मनोहर प्रतिमा है। तो दूसरी ओर अर्जुन को गीता ज्ञान देते हुए श्री कृष्ण की विशाल मूर्ति और एक विशाल गंगा माता का मंदिर है। घाट पर चलते हुए सुंदर गंगा रूप के दर्शन होते हैं। शाम को त्रिवेणी घाट पर भव्य आरती होती है, उस समय घाट पर काफी भीड़ होती है।

4. वशिष्ट गुफा ऋषिकेश – 

वशिष्ठ गुफा ऋषिकेश से 16 किलोमीटर की दूरी पर है। यह स्थान ध्यान के लिए काफी प्रमुख माना जाता है गूलर के पेड़ों के बीच स्थित है। गुफा के पास ही हिंदुओं द्वारा पवित्र माने जाने वाला एक शिवलिंग भी है। वशिष्ठ गुफा जहां ऋषि यों ने सिद्धि अर्जित की। ऊंची पहाड़ियों से नीचे उतर कर गंगा किनारे जाए तो वहां यह गुफा जो कि काफी प्राकृतिक है और हजारों साल पुरानी। गुफा का तापमान माननीय ही रहता है कितनी भी गर्मी हो गुफा पर मौसम का असर नहीं है।ऋषि वशिष्ठ ने इसे तलाशा।साधु संत आज भी इसे बहुत पवित्र स्थान मानते हैं। माना जाता है कि इस गुफा के मुहाने पर स्थित धूनी हजारों साल पहले वशिष्ठ ऋषि द्वारा चलाई गई थी। उन्हीं के नाम पर इस गुफा का नाम वशिष्ट गुफा पड़ा। वशिष्ठ गुफा न  सिर्फ पवित्र है बल्कि आज भी साधनाओं के लिए सिद्ध स्थान है।

5. राफ्टिंग ऋषिकेश में प्रसिद्ध स्थल पर्यटन स्थल – 

जैसे कि हम जानते हैं राफ्टिंग ऋषिकेश में काफी सारे ऐसे स्थल हैं जो कि काफी मशहूर है तो आइए उन स्थलों के बारे में थोड़ा सा एक विवरण बताते हैं।जैसे कि त्रिवेणी घाट लक्ष्मण झूला राम झूला यह रिवर राफ्टिंग के पास ही यह कुछ ऐसे स्थल है। रिवर राफ्टिंग का खर्चा ₹400 है। ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का अलग ही मजा आता है।

6. स्वर्ग आश्रम ऋषिकेश – 

स्वर्ग आश्रम ऋषिकेश से 5 किलोमीटर की दूरी पर गंगा नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। आश्रम को लोकप्रिय हिंदू संदेश आनंद ने बनवाया था। आश्रम के आसपास काफी सारी दुकानें हैं जैसे कि स्टोर पार्क और चाय कॉफी की दुकाने। मुझे यह लगता है कि जब भी हम ऋषिकेश जाए तो इस आश्रम की झलक देखना जरूर पसंद करेंगे क्योंकि यह धार्मिक स्थल माना जाता है तो जब भी आप ऋषिकेश जाए तो इस पर जाना जरूर पसंद करेंगे।

7. नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश – 

ऋषिकेश में नीलकंठ महादेव मंदिर एक प्रमुख और प्राचीन मंदिर है। नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश के सबसे पूजा मंदिरों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने इस स्थान पर समुद्र मंथन से निकला हुआ विष ग्रहण किया था। अत्यंत प्रभावशाली यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर के पास झरना है जान लोग दर्शन करने से पहले वहां स्नान करते हैं। नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश 5500 फिट की ऊंचाई पर है। आप लोग दर्शन करने जरूर जाएं। विशाल पेंटिंग में भगवान शिव को विष पीते हुए भी दिखाया गया है। सामने की पहाड़ी पर शिव की पत्नी ,पार्वती का भी मंदिर है।

8. बंगी जंपिंग ऋषिकेश – 

हम सब लोग बंगी जंपिंग करना चाहते हैं और हमारा सपना भी है कि हम पहाड़ की ताजी हवाओं में बंगी जंपिंग का मजा ले अब हमें ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं है कि ऋषिकेश में एक बंगी जंपिंग बन गया है अब आप वहां जाकर अपने सपने को पूरा कर सकते हैं।अगर आप पहाड़ की हवाओं को महसूस करना चाहते हैं तो आप बंगी जंपिंग करने उत्तराखंड ऋषिकेश चले जाइए। प्रति व्यक्ति 3500 बंगी जंपिंग का खर्चा है। बंगी जंपिंग के लिए आयु 12 वर्ष होनी चाहिए। बंगी जंपिंग के लिए ‌ वजन प्रति 35 किलोग्राम और अधिकतम 120 किलोग्राम होना चाहिए। और उसका रिर्पोटिंग टाइम 9:00 बजे होता है।

9. बीटल्स आश्रम ऋषिकेश –

दुनिया की जानी मानी हस्तियां योग और ध्यान के लिए आश्रम में जाती हैं और उनमें से एक यह प्रसिद्ध आश्रम का नाम बीटल्स आश्रम है। तो आइए  बीटल्स आश्रम का विवरण करते हैं। आश्रम इतना खूबसूरत बना हुआ है कि यह आप को अपनी तरफ आकर्षित करता है।यह एक धार्मिक स्थल है आप यहां पर जाना जरूर पसंद करेंगे।

10. ऋषि कुंड ऋषिकेश – 

ऋषि कुंड एक पवित्र तालाब है जो त्रिवेणी घाट के पास स्थित है। ऐसा माना जाता है कि यमुना नदी की देवी बसंत कुंज की बातों से प्रसन्न होकर इस तालाब को पानी से भर दिया था। कल आप के पानी में भगवान राम और सीता को समर्पित एक प्राचीन रघुनाथ मंदिर भी स्थित है।

11. तेरा मंजिल मंदिर टेंपल – Tera Manzil Temple:

तेरा मंजिल टेंपल एक प्रमुख मंदिर है जो हिंदुओं के लिए माना जाता और यह लक्ष्मण झूला के आसपास ही है। यह तेरा फ्लोर तक बना हुआ है और हर एक अलग अलग फ्लोर में टेंपल स्थित है यह काफी हिंदू हिंदू  देवी देवताओं को स्थापित किया जाता है।

ऋषिकेश के आसपास के पर्यटक स्थल – 

देहरादून और हरिद्वार ऋषिकेश के दो खूबसूरत स्थल है। आइए कुछ हरिद्वार के बारे में ऐसी बातें जानते हैं जिन्हें आप जानकर काफी मनमोहक हो जाएंगे। हरिद्वार उत्तराखंड राज्य के गढ़वाल क्षेत्र मे गंगा नदी के तट पर स्थित एक खूबसूरत शहर है। आपको बता दें कि यहां हर साल लाखों की संख्या में भक्त पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाने आते हैं।

ऋषिकेश घूमने का सबसे अच्छा समय – 

ऋषिकेश घूमने का सबसे अच्छा समय मॉनसून है। मार्च और अप्रैल का महीना सबसे अच्छा है। अक्टूबर से लेकर फरवरी तक मे यहां का तापमान 19 से 27 डिग्री सेल्सियस रहता है तब घूमने का मजा भी अलग आता है। इस समय लोग राफ्टिंग का भी मजा उठा सकते हैं। मार्च के महीने में काफी गर्मी होती है और तापमान भी काफी बढ़ा हुआ रहता है।परंतु गर्मी की वजह से लोग ज्यादा नहीं आते पर शाम को जब थोड़ी सी ठंडक महसूस होती है तो लोग आनंद उठाते हैं।मॉनसून के महीने में भी लोग आनंद उठाते हैं पर लोग उस वक्त राफ्टिंग का मजा नहीं ले सकते।

ऋषिकेश कैसे पहुंचे – 

ऋषिकेश की यात्रा इतनी कठिन नहीं है आप इसकी यात्रा गाड़ी से या फिर बस से कर सकते हैं। देश का सबसे करीबी एयरपोर्ट देहरादून में है और उसका नाम जा ली ग्रांट है। दिल्ली से लखनऊ की फ्लाइट होती है। एयरपोर्ट के लिए ऋषिकेश से डायरेक्ट टैक्सी या फिर बस मिल जाती है। ऋषिकेश जाने के लिए हरिद्वार देहरादून के लिए डायरेक्ट बस मिल जाती है। ऋषिकेश का रेलवे स्टेशन हरिद्वार जहां से देश के हर कोने से ट्रेन जुड़ी है।

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